
हाथरस 27 फरवरी । राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विनय कुमार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने शुक्रवार को जिला कारागार, अलीगढ़ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर बन्दियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया।
हाथरस के 526 बन्दी अलीगढ़ जेल में निरूद्ध
निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेलर से बन्दियों की संख्या व स्थिति के बारे में जानकारी ली। जेलर द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में जनपद हाथरस से सम्बन्धित कुल 526 बन्दी अलीगढ़ जेल में निरूद्ध हैं। इनमें 492 पुरुष, 28 महिलाएं तथा 06 किशोर बन्दी (18 से 21 वर्ष) शामिल हैं।
बैरकों का निरीक्षण और भोजन की गुणवत्ता की जांच
सचिव अनु चौधरी ने पुरुष व महिला बैरकों का स्वयं निरीक्षण किया और बन्दियों से उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बन्दियों से उनकी तारीख पेशी और जेल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछा। बन्दियों ने भोजन व अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और बताया कि उन्हें नियमित रूप से विधिक सहायता प्राप्त हो रही है। सचिव ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को बन्दियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
जागरूकता शिविर को सम्बोधित करते हुए सचिव ने बताया कि यदि किसी भी बन्दी के पास अपनी पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, तो वह कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र भेज सकता है। ऐसे बन्दियों को शासन की ओर से पूरी तरह निःशुल्क विधिक सहायता (सरकारी वकील) उपलब्ध कराई जाएगी।
ये रहे उपस्थित
निरीक्षण के समय जेलर कमलेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शाहरूख रिजवी, चिकित्सक अभिषेक गुप्ता, डिप्टी जेलर देव दर्शन सिंह, राजकुमार सिंह, संदीप कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमारी एवं सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल विजय कुमार सेंगर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।















