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हाथरस 06 सितम्बर। दीवानी न्यायालय हाथरस में शनिवार 12 सितंबर को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनय कुमार-III ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबित मुकदमों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने जिला स्तर पर प्रत्येक विभाग को राष्ट्रीय लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लंबित मुकदमों से प्रभावित लोगों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है, ताकि आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से मामलों का सरल एवं त्वरित समाधान कराया जा सके। मा. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनु चौधरी ने बताया कि 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक संबंधी मामले, धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के मामले, वसूली वाद सहित लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा सभी सुलह योग्य आपराधिक वाद, सिविल वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक वाद, स्टाम्प वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, राजस्व वाद, चकबंदी वाद, श्रम संबंधी मामले, नगर पालिका टैक्स वसूली के मामले तथा विद्युत अधिनियम के अंतर्गत सुलह योग्य वाद भी लोक अदालत में निस्तारित किए जाएंगे। इसके साथ ही धारा 446 दंड प्रक्रिया संहिता से संबंधित अंतिम रिपोर्ट, पब्लिक प्रिमाइसेज एक्ट के मामले, उत्तराधिकार संबंधी मामले, आयुध अधिनियम के प्रकरण, बीमा संबंधी वाद, स्थानीय विधियों के अंतर्गत शमनीय वाद, सेवा एवं वेतन संबंधी वाद, सेवानिवृत्ति परिलाभों से संबंधित प्रकरण, किरायेदारी वाद तथा वन अधिनियम के अंतर्गत मामलों को भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने का प्रयास किया जाएगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विभागों से संबंधित चालान एवं प्रकरणों का भी निस्तारण किया जाएगा। इनमें पुलिस अधिनियम के अंतर्गत चालान, मोटर यान अधिनियम के चालान, बाट एवं माप अधिनियम के चालान, उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम के अंतर्गत चालान, आबकारी अधिनियम से संबंधित वाद, गैम्बलिंग एक्ट के अंतर्गत चालान, नगर पालिका के चालान, मैड़बंदी एवं दाखिल-खारिज वाद, प्री-लिटिगेशन प्रकरण, मनरेगा से संबंधित मामले, शिक्षा का अधिकार संबंधी प्रकरण, जलकर एवं गृहकर के मामले, आपदा राहत प्रकरण, कराधान संबंधी मामले तथा राशन कार्ड, जाति एवं आय प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि उनका कोई ऐसा मामला लंबित है, जो आपसी सुलह-समझौते से निस्तारित हो सकता है, तो वे राष्ट्रीय लोक अदालत के इस अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों को समय और धन की बचत के साथ विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त हो सकता है।

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