
हाथरस 23 सितम्बर । ब्रज के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक राजकीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के 115वें महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय विराट कुश्ती दंगल का छह दिवसीय आयोजन बीती देर रात करीब 2:30 बजे रोमांचक मुकाबलों के साथ संपन्न हुआ। दंगल के अंतिम दिन छोटे-बड़े करीब 155 मुकाबले कराए गए। कई कुश्तियों में पहलवानों ने शानदार दांव-पेच दिखाते हुए मुकाबले आर-पार किए, जबकि कई मुकाबले बराबरी पर छूटे। दंगल का आयोजन भाजपा युवा मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ युवा नेता पं. विपुल गौड़ के संयोजन तथा दंगल अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में किया गया। विशाल दंगल स्टेडियम में अंतिम दिन भी दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी और देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ क्षेत्रीय पहलवानों ने भी अपने जौहर दिखाए।
तीन बड़ी कुश्तियों ने बढ़ाया रोमांच
दंगल की अंतिम तीन बड़ी खिताबी कुश्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। तीसरे नंबर की बड़ी कुश्ती 3 लाख 51 हजार रुपये के इनाम की भारत केसरी पहलवान संजय पहलवान मीतरोल और मलंग पहलवान पलवल के बीच हुई। काफी देर तक चले रोमांचक मुकाबले में मलंग पहलवान ने शानदार दांव-पेच लगाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके बाद 5 लाख 51 हजार रुपये की खिताबी कुश्ती भारत केसरी कलुआ गुर्जर दिल्ली और भारत केसरी अविनायक पहलवान कानपुर के बीच हुई। करीब 20 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों पहलवानों ने कई शानदार दांव लगाए, लेकिन कड़े संघर्ष के बाद मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। दंगल की सबसे बड़ी और अंतिम कुश्ती 7 लाख 11 हजार रुपये के इनाम की रही। इसमें भारत केसरी उमेश पहलवान मथुरा और ईरान के पहलवान मिर्जा ईरानी आमने-सामने आए। करीब 20 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों पहलवानों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। दर्शकों को कई रोमांचक दांव-पेच देखने को मिले, लेकिन अंततः मुकाबला बराबरी पर छूटा।

देवा थापा की कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र
दंगल के दौरान नेपाल के पहलवान देवा थापा की कुश्ती ने दर्शकों में विशेष रोमांच पैदा किया। देवा थापा ने अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवान को कई बार उठाकर पटकते हुए शानदार मल्ल विद्या का प्रदर्शन किया। उनके दांव-पेच देखकर दंगल स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जमकर उत्साह दिखाया।
महिला पहलवानों ने भी दिखाया दमखम
अंतिम दिन महिला पहलवानों के बीच भी कई मुकाबले आयोजित किए गए। 51 हजार रुपये की कुश्ती में कोमल पहलवान पलवल और काजल पहलवान दिल्ली के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें कोमल पहलवान ने जीत हासिल की। वहीं 31 हजार रुपये की कुश्ती में पूनम फोगाट हरियाणा और अंशु पहलवान गाजियाबाद आमने-सामने रहीं। पूनम फोगाट ने अपने दांव-पेच से मुकाबला अपने नाम किया। 31 हजार रुपये की ही एक अन्य कुश्ती संतोषी पहलवान कानपुर और बबीता पहलवान दिल्ली एयरफोर्स के बीच हुई, जो बराबरी पर समाप्त हुई।
कई अन्य मुकाबलों में भी दिखा रोमांच
11 हजार रुपये की कुश्ती में प्रांशु पहलवान दिल्ली और मुनी पहलवान बजरंग अखाड़ा के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा। इसी इनाम की दूसरी कुश्ती मुईन पहलवान अलीगढ़ और जाकिर पहलवान पंजाब के बीच हुई, जो भी बराबरी पर छूटी। 21 हजार रुपये की कुश्ती में आकाश पहलवान गोपाल अखाड़ा और लव पहलवान दिल्ली के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें दिल्ली के पहलवान ने जीत दर्ज की। 11 हजार रुपये की कुश्ती में ललित पहलवान कुंवरपुर और सचिन पहलवान खेड़ा के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सचिन पहलवान विजयी रहे। वहीं 21 हजार रुपये की कुश्ती में धांसू पहलवान परसारा और राहुल पहलवान सिकंदराराऊ के बीच मुकाबला हुआ। रोमांचक संघर्ष के बाद धांसू पहलवान ने जीत हासिल की।
सांसद अनूप प्रधान ने किया पहलवानों का उत्साहवर्धन
दंगल के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अनूप प्रधान भी पहुंचे। दंगल संयोजक विपुल गौड़, अध्यक्ष संतोष शर्मा, विशेष सहयोगी सुभाष उपाध्याय कोल्ड वाले और दंगल कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथि का माला, दुपट्टा एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। उन्हें विशाल फूलों का हार, गदा और दाऊ बाबा का छवि चित्र भेंटकर सम्मानित किया गया। दंगल में पहुंचे अन्य अतिथियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों, व्यापारियों और पहलवानों का भी आयोजन समिति द्वारा पगड़ी, दुपट्टा, तस्वीर एवं गदा भेंटकर सम्मान किया गया।
पहलवानों को इनाम और गदा देकर किया सम्मानित
दंगल के समापन पर संयोजक विपुल गौड़, अध्यक्ष संतोष शर्मा, विशेष सहयोगी सुभाष उपाध्याय कोल्ड वाले और मुख्य व्यवस्थापक विकास भारद्वाज सहित पूरी टीम ने विजेता एवं प्रतिभागी पहलवानों को निर्धारित इनामी धनराशि, गदा एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। दंगल की रेफरीशिप मुकेश पहलवान, तरुण पहलवान, नवल उस्ताद और एनआई कोच तेजबहादुर ने संभाली। वहीं कुश्तियों की कमेंट्री कुंजबिहारी शर्मा ‘कुंजी गुरु’, पूर्व दंगल संयोजक बौ. प्रशांत शर्मा, दंगल स्पीकर एवं कॉमेंटेटर सुनील बैनवाल तथा सचिन पहलवान ने की।
देर रात तक जमा रहा दर्शकों का हुजूम
दंगल के अंतिम दिन दंगल स्टेडियम खचाखच भरा रहा। देर रात तक दर्शक पहलवानों के रोमांचक मुकाबलों का आनंद लेते रहे। मल्ल विद्या के शानदार प्रदर्शन ने पूरे स्टेडियम में उत्साह का माहौल बनाए रखा। करीब 2:30 बजे दंगल के समापन के साथ छह दिवसीय विराट कुश्ती दंगल का आयोजन संपन्न हुआ। समापन अवसर पर दंगल संयोजक पं. विपुल गौड़ ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, पहलवानों, दर्शकों, सहयोगियों एवं दंगल कमेटी के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
वही दंगल में अन्य सभी अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारियों तथा पहलवानों का दंगल संयोजक विपुल गौड़, दंगल अध्यक्ष संतोष शर्मा, दंगल के विशेष सहयोगी एवं सक्रिय भूमिका निभा रहे सुभाष उपाध्याय कोल्ड वाले, दंगल मार्गदर्शक अशोक शर्मा, दंगल स्वागत अध्यक्ष संदीप जादौन, निर्देशक अजय शर्मा, मुख्य व्यवस्थापक विकास भारद्वाज, दंगल सहसंयोजक रूपेश दीक्षित, गौरव रावत, सौरभ शर्मा, डॉ. कमल शर्मा, रानू ठाकुर, कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा, सौरभ शर्मा आरटीओ व सह कोषाध्यक्ष उदित शर्मा, सह व्यवस्थापक सुग्रीव पंडित,द्वारा संयुक्त रूप से पगड़ी बांधकर, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा बड़ी तस्वीर एवं गदा भेंटकर स्वागत और सम्मान किया गया।। दंगल अखाड़े में दंगल में पहलवानों की कुश्तियों की रेफरीशिप मुकेश पहलवान, तरूण पहलवान, नवल उस्ताद, एनआई कोच तेजबहादुर द्वारा की गई । जबकि दंगल की कमेंट्री कुंजबिहारी शर्मा कुंजी गुरु, पूर्व दंगल संयोजक बौ. प्रशांत शर्मा, दंगल स्पीकर एवं कॉमेंटेटर सुनील बैनवाल, सचिन पहलवान द्वारा की गई। वहीं दंगल में हिमांशु गौड़, सह कोषाध्यक्ष सौरभ शर्मा आरटीओ, उमेश चंद्र शर्मा, धीरेंद्र चौहान, अनिल श्रोती, प्रशांत शर्मा, विपिन लवानियां, अनूप यादव,सुमित शर्मा, भरत, सत्यम, शुभम, गोपाल सिंह, हिमांशु भारद्वाज, विपिन ठाकुर, गौ सेवक राहुल उपाध्याय, योगी ठाकुर,लाला दीक्षित, रजत चतुर्वेदी व प्रतीक शर्मा आदि मौजूद थे।









