हाथरस 07 सितम्बर। समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देने के उद्देश्य से एडीएचआर द्वारा चलाए जा रहे रक्तदान जागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसी मुहिम से प्रेरित होकर बागला डिग्री कॉलेज के कॉमर्स विभाग के प्रोफेसर राजेश शर्मा एवं उनकी पत्नी पूजा शर्मा अपने पुत्र आयुष्मान शर्मा के जन्मदिन के अवसर पर प्रत्येक वर्ष रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। दंपति का मानना है कि जन्मदिन जैसे खुशी के अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने के संकल्प के साथ मनाया जाना चाहिए। इसी भावना के साथ वे रक्तदान कर रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों की मदद करते हैं और अन्य लोगों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करते हैं। प्रोफेसर राजेश शर्मा ने कहा कि एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय द्वारा समाज में रक्तदान के प्रति नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया गया है। संस्था की रक्तदान मुहिम लोगों को अपने खुशी के पलों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की प्रेरणा दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य पारिवारिक अवसरों पर रक्तदान किया जाए तो यह उत्सव किसी जरूरतमंद के लिए जीवन का सबसे बड़ा उपहार बन सकता है। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि संस्था लगातार लोगों से अपील करती रही है कि वे अपने पारिवारिक उत्सव, जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों पर रक्तदान कर दूसरों को जीवनदान देने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अपनी खुशियों का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उनसे किसी दूसरे के जीवन में भी उम्मीद और खुशियां पैदा हों। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा के साथ-साथ समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। एडीएचआर की पहल से प्रेरित होकर राजेश शर्मा और पूजा शर्मा द्वारा अपने बेटे के जन्मदिन पर रक्तदान करने की परंपरा समाज के लिए एक प्रेरक संदेश है। उनका यह प्रयास लोगों को अपने विशेष अवसरों को सामाजिक सेवा से जोड़ने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित करता है।











