
सासनी 11 अक्टूबर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हाथरस पुलिस की थाना सासनी साइबर क्राइम टीम ने दो साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को कुल 26,740 रुपये वापस कराए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से दोनों पीड़ितों को राहत मिली है। रुपये वापस मिलने पर उन्होंने थाना सासनी पहुंचकर हाथरस पुलिस का आभार व्यक्त किया और साइबर क्राइम टीम के प्रयासों की सराहना की। पुलिस के अनुसार, संजय कॉलोनी, सासनी निवासी सुमित शर्मा ने 25 जून 2025 को शिकायत दी थी कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी कर यूपीआई के माध्यम से 10,000 रुपये ठग लिए गए हैं। वहीं, नया बिजली घर, सासनी निवासी प्रकाश चंद्र सिंह ने 2 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर आए एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक खाते से 16,740 रुपये कट गए। दोनों शिकायतों को पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया था।
पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना सासनी की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक खातों में स्थानांतरित धनराशि का विवरण प्राप्त किया और लाभार्थी के बैंक खाते को डेबिट फ्रीज कराने की कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को सुरक्षित कराया। इसके बाद पुलिस के प्रयासों से 11 अक्टूबर 2026 को दोनों शिकायतकर्ताओं की कुल 26,740 रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि उनके बैंक खातों में वापस करा दी गई। अपनी रकम वापस मिलने पर सुमित शर्मा और प्रकाश चंद्र सिंह ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए हाथरस पुलिस का धन्यवाद किया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना बैंक खाता नंबर, यूपीआई पिन, ओटीपी तथा सीवीवी नंबर जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।







