
हाथरस 01 नवंबर। जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के अंतिम दिन 16 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच संपन्न हुई। दोनों पालियों में कुल 13,152 अभ्यर्थियों की परीक्षा निर्धारित थी, जिनमें से 8, 937 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 4,215 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रत्येक पाली में 6,576 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा देने के लिए रायबरेली, फतेहपुर सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हाथरस पहुंचे।
परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्रों पर सघन जांच की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों का एआई तकनीक के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी के दौरान उनके बाल खुलवाकर जांच की गई, वहीं पुरुष अभ्यर्थियों सहित अन्य परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर तलाशी ली गई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा के चलते शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही।
दूरदराज के जिलों से आए कई अभ्यर्थियों को ठहरने के लिए उचित स्थान नहीं मिल सका, जिसके चलते उन्होंने हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन के बाहर खुले में रात गुजारी। ट्रेनों की देरी और भीड़ ने भी परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ाई। बरेली-मथुरा कैंट परीक्षा स्पेशल ट्रेन 18 मिनट और गंगापुर सिटी-कासगंज पैसेंजर ट्रेन करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। रेलवे स्टेशनों और रोडवेज बस स्टैंड पर अभ्यर्थियों की भीड़ रही। परीक्षार्थियों की सहायता के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ‘May I Help You’ केंद्र भी बनाए गए थे। इस तरह परीक्षा के अंतिम दिन जहां प्रशासन ने सुरक्षा और नकल रोकने के लिए सख्ती बरती, वहीं अभ्यर्थियों को आवागमन और ठहरने से जुड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।










