Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 14 सितम्बर। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (UPSACS) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के संयुक्त सहयोग से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, हाथरस के सभागार में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सा अधिकारियों एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों, रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा जिला स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अद्यतन जानकारी एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह व डॉ. एम.आई. आलम, एसीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. मधुर कुमार एवं डॉ. राजीव राय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीण भारती सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ. मनीष शर्मा, PHFI के कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट विराट नगर एवं कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर नीरज श्रीवास्तव तथा दिशा टीम की क्लस्टर प्रोग्राम मैनेजर शाइस्ता बदर और डीएमडीओ रिजवाना हनीफ ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। एचआईवी-टीबी समन्वयक डॉ. पाठक, डीपीसी अजीम कुरैशी, डीपीएम बलवीर वर्मा, डीपीएम समन्वयक मनोज उपाध्याय, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. पवन तथा एसएसके नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में HIV/AIDS की वर्तमान स्थिति, 95-95-99 लक्ष्य, जिला स्तर पर HIV महामारी, NACP की संरचना, District AIDS Control Officers (DACO), DISHA, MAS, HIV एवं STI स्क्रीनिंग, परामर्श एवं परीक्षण सेवाओं, STI/सिफलिस प्रबंधन तथा HIV और सिफलिस के मां से बच्चे में संक्रमण की रोकथाम से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही ART, TB एवं HIV-TB सह-संक्रमण, वायरल लोड मॉनिटरिंग, U=U की अवधारणा, हाई रिस्क ग्रुप्स, टारगेटेड इंटरवेंशन, OST तथा समुदाय आधारित HIV रोकथाम सेवाओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को HIV & AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के प्रमुख कानूनी प्रावधानों, HIV से जुड़े भेदभाव की रोकथाम तथा अधिकार-आधारित दृष्टिकोण के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए केस स्टडी, प्रस्तुतीकरण, समूह चर्चा और व्यावहारिक गतिविधियों का सहारा लिया गया।

कार्यशाला के दौरान HIV की रोकथाम, शीघ्र पहचान, जांच, उपचार, ART से जोड़ने, वायरल लोड मॉनिटरिंग, HIV-TB सेवाओं के एकीकरण तथा रेफरल एवं फॉलोअप को लेकर अधिकारियों की क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही जिला स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय एवं कन्वर्जेन्स स्थापित करने तथा HIV सेवाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी रूप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला के अंत में पोस्ट-ट्रेनिंग असेसमेंट एवं प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे जिला स्तर पर HIV कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के निर्धारित उद्देश्यों और 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में जिले के प्रयासों को और गति मिलेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page