
हाथरस 05 अक्टूबर। कृषि उपज मंडी समिति हाथरस में इन दिनों नए धान की बंपर आवक हो रही है। सोमवार को मंडी परिसर में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब भारी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे। दिनभर में करीब 50 से 60 हजार कुंतल धान की आवक होने के कारण मंडी परिसर पूरी तरह से फुल हो गया, जिससे अलीगढ़ रोड तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और धान लादने आए ट्रकों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। गेट बंद होने से बढ़ा आक्रोश, बिना बिके वापस लौटा धान मंडी के अंदर वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ने पर प्रशासन ने आनन-फानन में मंडी के दोनों मुख्य गेट बंद कर दिए। गेट बंद होते ही बाहर खड़े किसानों का इंतजार और लंबा हो गया। सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े किसान विपिन कुमार और देर रात से डटे किसान सूबेदार कुशवाह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि घंटों मशक्कत के बाद भी जब प्रवेश नहीं मिला, तो उन्हें मजबूरन अपनी उपज वापस ले जानी पड़ी। किसानों का दावा है कि कुव्यवस्था के कारण करीब 8 से 10 हजार कुंतल धान बिना बिके मंडी से वापस लौट गया।
मंडी प्रशासन के इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल किसानों ने मंडी समिति की लचर व्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जताई है। आरोप है कि बंपर आवक का अनुमान होने के बावजूद मंडी प्रशासन ने कोई पूर्व तैयारी नहीं की। कई आढ़तियों द्वारा सड़क पर ही ट्रैक्टर खड़े करवाकर धान उतरवाने से रास्ता बेहद संकरा हो गया, जिससे जाम की स्थिति और ज्यादा विकराल हो गई। किसानों ने मांग की है कि धान की आवक को देखते हुए वाहनों के प्रवेश, निकासी और माल उतारने के लिए अलग-अलग लेन व पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। यातायात पुलिस संभाले हुए है मोर्चा मामले में प्रभारी निरीक्षक यातायात अनूप सिंह ने बताया कि अलीगढ़ रोड और मंडी के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए यातायात पुलिस की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं और जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।







