
अयोध्या 18 जनवरी । मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर अयोध्या में आस्था, श्रद्धा और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही सरयू तट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। जय श्रीराम के उद्घोष के बीच लोग शीतल सरयू में डुबकी लगाते और दान-पुण्य करते नजर आए। घाटों से लेकर मठ-मंदिरों तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, मानो पूरी अयोध्या धर्ममय हो उठी हो। शहर में ठंडी हवाओं और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं ने मौन व्रत रखकर ध्यान-साधना की। कई श्रद्धालु बिना बोले ही पुण्य अर्जित करते दिखे। मौनी अमावस्या पर मौन, संयम और दान का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए लोग इस दिन विशेष श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करते हैं। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहा। हनुमानगढ़ी में लगभग 500 मीटर लंबी लाइन लगी रही। सुबह 9 बजे के बाद जैसे ही धूप निकली, श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। प्रयागराज से डुबकी लगाकर आस्था का रेला रविवार की शाम से अयोध्या पहुंचना शुरू हो गया था, जिससे देर शाम अचानक भीड़ बढ़ गई। राम मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। एसपी सुरक्षा बल रामाचारी दुबे ने बताया कि करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। भीड़ बढ़ने पर कतारों की संख्या बढ़ाई जा रही है। धर्मपथ के प्रवेश मार्गों पर वाहनों की रोक के कारण रविवार को भारी जाम लगा। केवल पासधारी वाहनों को ही प्रवेश मिला, जिससे अन्य वाहनों की कतारें बढ़ती गईं। जाम के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। भीड़ को देखते हुए रामपथ की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित कर दी गई, जबकि अन्य लेन पर आवागमन जारी रहा। सुबह 10 बजे के बाद भीड़ घटने पर दोपहिया वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई।





















