
हाथरस 24 अप्रैल । उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गौवंश का संरक्षण और संवर्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय गौ संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए गौशालाओं में स्वच्छ पेयजल, छाया और हरे चारे की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में आयोग के सदस्य श्री रमाकांत उपाध्याय भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने सड़कों और बाजारों में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश पर चिंता जताते हुए कहा कि अभियान चलाकर इन्हें चिन्हित करें और गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित करें। इससे न केवल पशुओं की देखभाल होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इस कार्य को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अध्यक्ष ने जनपद की गौशालाओं में चारे की कमी न हो, इसके लिए ‘भूसा बैंक’ स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आदेश दिया कि पशु चिकित्सकों की टीम नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण करे और बीमार पशुओं का तत्काल उपचार सुनिश्चित हो। साथ ही, गौशालाओं में सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तुरंत क्रियाशील करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में जनपद की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद के विभिन्न आश्रय स्थलों में वर्तमान में 10,488 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं। योजना के तहत अब तक 227 लाभार्थियों को 345 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। पशुओं को पकड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 7 और शहरी क्षेत्रों में 4 कैटल कैचर टीमें सक्रिय हैं। दिसंबर और जनवरी में दानदाताओं के माध्यम से 50,000 ईंटें और 308 क्विंटल भूसा गौशालाओं को प्राप्त हुआ है। बैठक में परियोजना निदेशक, समस्त उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

























