
हाथरस 11 मई । महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, उत्पीड़न की रोकथाम और उन्हें सुलभ न्याय दिलाने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्या श्रीमती रेनू गौड़ ने सोमवार को तहसील सदर सभागार में महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान कुल 08 मामले सामने आए, जिनमें से 03 प्रकरण घरेलू हिंसा से जुड़े थे। मा. सदस्या ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
महिला थाने के लंबित मामलों पर जताई सख्ती
समीक्षा बैठक के दौरान श्रीमती रेनू गौड़ ने महिला थाने में लंबित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने महिला थानाध्यक्ष रितु तोमर को निर्देशित किया कि थानों में आने वाली पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशीलता का व्यवहार किया जाए और उन्हें त्वरित विधिक सहायता व परामर्श उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा, “सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि पात्र महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।”
अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने की हिदायत
सदस्या ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को महिला कल्याण योजनाओं की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को संरक्षण और विधिक सहायता प्रदान करना प्रशासन का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि, पूर्ति निरीक्षक, महिला थानाध्यक्ष रितु तोमर, डीएमसी मोनिका दीक्षित (महिला कल्याण विभाग), संरक्षण अधिकारी विमल शर्मा, फारिया नोशी, सीमा, कैलाश चंद, बंटी कुशवाह, मोहित और पी.एल.वी. साहब सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।























