
सिकंदराराऊ 03 मई । कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस ने ई-रिक्शा में सवारी बनकर महिलाओं के बैग से कीमती आभूषण और नगदी पार करने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के तीन पेंडल, एक अंगूठी और 16 हजार रुपये बरामद किए हैं। वारदात में शामिल आरोपी की पत्नी और उसका एक रिश्तेदार फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। आपको बता दें कि बीती 29 अप्रैल को गढ़ी धर्मी निवासी श्रीमती सुनीता देवी अपनी पुत्री के साथ पंत चौराहे से ई-रिक्शा में बैठकर अपनी ननिहाल नगला विजन जा रही थीं। घर पहुँचने पर उन्हें पता चला कि उनके बैग की जेब कटी हुई है और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर व नगदी गायब हैं। इस संबंध में पीड़िता ने 2 मई को कोतवाली सिकंदराराऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी ओमप्रकाश पुत्र राजपाल सिंह (निवासी हिनौना, अवागढ़, एटा) को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपनी पत्नी विमला और ममेरे भाई राहुल के साथ मिलकर चोरी करता है। वारदात वाले दिन वे तीनों बाइक से जलेसर से ही महिला का पीछा कर रहे थे। जब महिला सिकंदराराऊ में ई-रिक्शा (टिर्री) पर बैठी, तो योजना के तहत ओमप्रकाश ने अपनी पत्नी और भाई को भी उसी रिक्शा में बिठा दिया। रास्ते में उसकी पत्नी ने महिला को अपनी बातों में उलझाया और बड़ी सफाई से बैग काटकर जेवर व पैसे निकाल लिए। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के 03 पेंडल, 01 सोने की अंगूठी और 16 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेजा जा रहा है। गिरोह को पकड़ने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार शर्मा व अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


























