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मथुरा 23 अप्रैल । राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमसीए विभाग द्वारा गुरुवार को साइबर सुरक्षा पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सिस्को के आईटी विशेषज्ञ शशांक पाल ने छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के प्रति सचेत रहने के गुर बताए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन खतरों, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सावधानी ही साइबर क्राइम से बचने का एकमात्र उपाय है। वर्कशॉप के दौरान शशांक पाल ने साइबर सिक्योरिटी के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए नेटवर्किंग, रूटिंग प्रोटोकॉल, जैमिंग तथा लिनक्स आधारित हैकिंग की मूलभूत अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है और छोटी सी लापरवाही बड़े साइबर हमलों का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को रियल-लाइफ उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि किस प्रकार हैकर्स कमजोरियों का फायदा उठाकर सिस्टम में सेंध लगाते हैं।

श्री शशांक पाल ने छात्र-छात्राओं को पासवर्ड हैकिंग, वाई-फाई हैकिंग, ओटीपी फ्रॉड (फिशिंग), कमजोर पासवर्ड, पब्लिक वाई-फाई के जोखिम और फर्जी ईमेल एवं ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में अधिकांश साइबर हमले यूजर की लापरवाही के कारण सफल होते हैं, इसलिए डिजिटल सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। श्री पाल ने विद्यार्थियों को मजबूत एवं यूनिक पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा अनजान नेटवर्क से बचने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासा का समाधान प्राप्त किया। यह वर्कशॉप न केवल तकनीकी जानकारी प्रदान करने तक सीमित रही बल्कि विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने में भी सफल रही। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ है, जो उनके करियर और दैनिक जीवन दोनों में सहायक सिद्ध होगा।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कार्यशाला को समसामयिक बताया। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की समझ हर किसी को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाती हैं बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती हैं।

संस्थान के ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट प्रमुख डॉ. विकास जैन ने अतिथि वक्ता का आभार मानते हुए कहा कि आज के समय में साइबर अपराध एक गम्भीर समस्या बनता जा रहा है। इससे निपटने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसमें न केवल हमारे कम्प्यूटर और नेटवर्क बल्कि उनमें मौजूद अमूल्य डेटा की सुरक्षा के लिए अपनाई गई रणनीतियां और उपाय भी शामिल हैं। डॉ. जैन ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने कार्यशाला में जो कुछ भी सीखा है, उसका प्रयोग कर अपने सिस्टम, नेटवर्क और प्रोग्राम को डिजिटल हमलों से बचा सकते हैं।

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