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सिकंदराराऊ (हसायन) 09 अप्रैल । विकासखंड क्षेत्र के गाँव हैथारघुनाथपुर में वन माफिया और लकड़ी ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ राजवाहे के पास एक किसान के खेत से बिना किसी विभागीय अनुमति के प्रतिबंधित प्रजाति के विभिन्न छायादार वृक्षों का अवैध रूप से कटान कर दिया गया। मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव के बाहरी इलाके में स्थित एक खेत से आठ नीम और दो शीशम के हरे पेड़ काट दिए गए। खेत मालिक वर्तमान में हाथरस शहर में निवास करते हैं। जांच में पता चला कि लकड़ी काटने का कार्य छत्तरपुर और सूरतपुर क्षेत्र के एक ठेकेदार द्वारा किया गया है। बीट प्रभारी चंद्रपाल सिंह के निर्देश पर सहायक टीम ने मौके पर पहुँचकर कटे हुए पेड़ों की नाप-तौल की और साक्ष्य जुटाए।

ठेकेदार और वन दरोगा के बीच आरोप-प्रत्यारोप

मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब वन कर्मचारियों ने आरोपी ठेकेदार से मोबाइल पर संपर्क किया। ठेकेदार ने पहले तो टालमटोल की, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उसी ने पेड़ काटे हैं। ठेकेदार का दावा है कि उसने यह कटान क्षेत्रीय वन दरोगा से बात करने के बाद ही किया था और उसने कोई चोरी नहीं की है। दूसरी ओर, क्षेत्रीय वन दरोगा अंकित सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं और उनकी किसी ठेकेदार से कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अवैध कटान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दर्ज होगा मुकदमा

बीट प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित वृक्षों का कटान गंभीर मामला है। खेत मालिक और लकड़ी ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। विभाग इस बात की भी गहनता से छानबीन कर रहा है कि इस अवैध कार्य में विभाग का कोई व्यक्ति संलिप्त है या नहीं।

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