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हाथरस 28 जनवरी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए जा रहे नए ड्राफ्ट रेगुलेशन को लेकर देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में असमानता और भेदभाव बढ़ने की आशंका जताते हुए हाथरस में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कानून अपने वर्तमान स्वरूप में एकपक्षीय है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। ह्यूमन राइट्स डिफेंडर प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में यूजीसी कानून के विरोध में एक मोटरसाइकिल रैली निकाली गई। रैली बागला इंटर कॉलेज से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी की और आमजन को कानून के प्रभावों के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान “यूजीसी कानून रद्द करो”, “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है”, “मोदी सरकार शर्म करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन कर असंतुलन पैदा करना। भारत का संविधान समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है, ऐसे में किसी भी नीति या समिति का स्वरूप समावेशी होना आवश्यक है।

जिला मुख्यालय पहुंचने पर जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी (आईएएस) बसंत लाल अग्रवाल को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि यूजीसी के एकपक्षीय एवं छात्रों के विरुद्ध प्रभाव डालने वाले ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल रोका जाए। नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों का संतुलित एवं पारदर्शी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं राज्य सरकारों से व्यापक संवाद के बाद ही कोई नई नीति लागू की जाए। निर्णय समितियों में सामाजिक विविधता का अभाव नीतियों को एकपक्षीय एवं अविश्वसनीय बनाता है। प्रस्तावित यूजीसी ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल वापस लिया जाए। झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान किया जाए, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भेदभावपूर्ण नीतियां समाज में विभाजन को बढ़ावा देती हैं, जबकि शिक्षा का उद्देश्य सभी को समान अवसर प्रदान करना होना चाहिए। इस आंदोलन में कमलकांत दोबरावाल, अनिल वार्ष्णेय, शैलेन्द्र सांवलिया, मनीष वार्ष्णेय, कपिल गुप्ता, अमन बंसल, सौरभ अग्रवाल, ललतेश गुप्ता, सुरेश चंद्र अग्रवाल, रवि गुप्ता, डॉ. रोहतास पाराशर, कुलदीप वार्ष्णेय, बसंत चौधरी, सुबोध अग्रवाल, ओमवीर पचौरी, गोपाल अग्रवाल, आनंद मोहन तिवारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अमर शर्मा, आशीष उपाध्याय, मनोज टालीवाल, अमित बंसल, निपुण सिंघल, भानु प्रकाश वार्ष्णेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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