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सिकन्दराराऊ (हसायन) 13 मई । विकासखंड क्षेत्र के ग्राम उल्दापुर के एक  किसान के युवा लेखक एवं कृषि शोधकर्ता इंजीनियर पुत्र ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच के दम पर कृषि विज्ञान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है।उल्दापुर के रहने वाले किसान विपिन कुमार शर्मा के किसान परिवार से निकलकर उनके पुत्र कपिल कुमार शर्मा ने कृषि शोधकर्ता इंजीनियर बनकर यह सिद्ध साबित कर दिया कि लगन,शिक्षा और निरंतर प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण परिवेश का युवा भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकता है।इंजीनियर कपिल शर्मा के द्वारा लिखित कृषि विज्ञान पर आधारित पुस्तक आधुनिक तकनीकों एवं नवीन शोधों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कृति मानी जा रही है।इस पुस्तक में वैज्ञानिक खेती,स्मार्ट एग्रीकल्चर,मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन,फसल उत्पादन,जैव प्रौद्योगिकी,आधुनिक सिंचाई तकनीक,कीट एवं रोग नियंत्रण,कृषि में डिजिटल तकनीकों का उपयोग तथा सतत कृषि विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विस्तारपूर्वक एवं सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े इंजीनियर कपिल शर्मा बचपन से ही कृषि एवं विज्ञान के प्रति विशेष रुचि रखते थे।उन्होंने अपनी शिक्षा एवं शोध कार्यों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उनकी यह पुस्तक किसानों,कृषि वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं कृषि के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जा रही है।पुस्तक का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना है।इंजीनियर कपिल शर्मा इससे पूर्व भी कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अनेक शोध पत्र लिख चुके हैं।जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों एवं कृषि विज्ञान में विशेष योगदान को देखते हुए वर्ष 2025 में गोवा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें प्रतिष्ठित यंग रिसर्चर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।यह सम्मान उनके समर्पण,शोध क्षमता और कृषि विज्ञान के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि आज के समय में कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।यदि किसान आधुनिक वैज्ञानिक विधियों एवं नई तकनीकों का सही उपयोग करें, तो खेती को अधिक उत्पादक, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस पुस्तक को सरल एवं व्यावहारिक रूप में तैयार किया गया है।ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान एवं विद्यार्थी भी आसानी से आधुनिक कृषि तकनीकों को समझ सकें।क्षेत्र के सम्मानित लोगों,शिक्षकों एवं सामाजिक व्यक्तियों ने इंजीनियर कपिल शर्मा की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।  किसान वर्ग के क्षेत्रीय लोंगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।इंजीनियर कपिल शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी,परिवार के सभी सदस्यों, गुरुजनों एवं अपनी निरंतर मेहनत को दिया है।उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग,आशीर्वाद एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में वे कृषि विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में और अधिक कार्य करते रहेंगे, ताकि किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ी नवीन एवं वैज्ञानिक जानकारियां प्राप्त होती रहें तथा देश के कृषि विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान बना रहे।

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