हाथरस 29 जुलाई। नई धर्मशाला, चामड़ गेट में परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुंबई, कोलकाता, सूरत, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से पहुंचे शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने अपने पूज्य गुरुदेव का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बालकृष्ण लाल जी के विधि-विधानपूर्वक पूजन से हुआ। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण के बीच गुरु पूजन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाएं अर्पित कर, पुष्पांजलि समर्पित करते हुए अपने गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया। इस अवसर पर अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने कहा कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं, जो जीव के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, भक्ति और भगवान की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा, सेवा और समर्पण ही जीवन की सर्वोच्च साधना है तथा जिस जीवन में गुरु का प्रकाश होता है, वही जीवन वास्तव में धन्य बन जाता है।
पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, गुरु वंदना एवं आध्यात्मिक सत्संग से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु गुरु भक्ति में सराबोर होकर बार-बार गुरुदेव के जयघोष करते रहे। कार्यक्रम में हाथरस नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी एवं समाजसेवी भी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में गुरु भक्ति, आध्यात्मिक चेतना एवं भारतीय सनातन संस्कृति के प्रति नई प्रेरणा का संचार किया। इस अवसर पर श्वेता दिवाकर (चेयरमैन), रामेश्वर उपाध्याय (ब्लॉक प्रमुख), शरद महेश्वरी, गौरव आर्य, उमाशंकर जैन, पंकज खंडेलवाल, अतुल अग्रवाल, रिंग वाले श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), आशीष बंसल, अजय अग्रवाल, नरेंद्र खेतान, विनय फतेह चंदका, अशोक अग्रवाल (लकड़ी वाले), रामकुमार शर्मा एवं अनूप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।








