
हाथरस 26 अक्टूबर। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में सोमवार को पुलिस लाइन स्थित डीटीयू कक्ष में विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) और थाना एएचटी की मासिक गोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी लाइन दुष्यंत कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बाल संरक्षण, गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं सकुशल बरामदगी और मानव तस्करी की रोकथाम से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। गोष्ठी में प्रभारी निरीक्षक एएचटी/एसजेपीयू रवि भूषण शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों को इन कानूनों के तहत निर्धारित दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने तथा पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मानव तस्करी से जुड़े मामलों में भी सतर्कता बरतने और शिकायतों पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
गोष्ठी में बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों, गुमशुदा बच्चों की तलाश और बरामदगी, किशोरों द्वारा किए जाने वाले अपराधों की रोकथाम तथा उनके पुनर्वास जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई। संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया गया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करें तथा प्रत्येक प्रकरण में बालक के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता दें। साथ ही, पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में भी निर्देश दिए गए। क्षेत्राधिकारी लाइन दुष्यंत कुमार सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि बाल संरक्षण, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और मानव तस्करी की रोकथाम से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने, पीड़ितों को त्वरित सहायता देने और कानून के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।










