
हाथरस 03 जुलाई। जिला अस्पताल में आज सहायक पर्यवेक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत क्लबफुट (टेढ़े पैर) से ग्रसित बच्चों के लिए विशेष निशुल्क उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 25 बच्चों का परीक्षण कर उनका उपचार किया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सूर्य प्रकाश ने समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्लबफुट का शुरुआती अवस्था में इलाज होने पर बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने अनुष्का फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के सहयोग से कई बच्चे अपने पैरों पर चलने लगे हैं, जो परिवारों के लिए बड़ी राहत है। सहायक पर्यवेक्षण के दौरान मथुरा से आए अनुष्का फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने जिला अस्पताल के डॉ. गोपाल वर्मा और डी.के. शर्मा के साथ मिलकर 25 क्लबफुट मरीजों का निशुल्क उपचार किया। विशेषज्ञों ने बताया कि क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें नवजात शिशु के पैर अंदर की ओर मुड़े होते हैं। यह समस्या लगभग हर 800 नवजातों में से एक बच्चे में पाई जाती है। समय पर पहचान और उपचार से बच्चा पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत क्लबफुट से प्रभावित बच्चों की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा जाता है। जिला अस्पताल में प्रत्येक शनिवार को कमरा नंबर-9 में क्लबफुट क्लिनिक संचालित किया जाता है, जहां नियमित रूप से बच्चों का इलाज किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि आशा और एएनएम कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार केंद्र तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग भी की जाती है। इस अवसर पर अनुष्का फाउंडेशन के ब्रांच मैनेजर विशाल सक्सेना, अश्वनी, प्लास्टर तकनीशियन आविद, मुकेश कुमार तथा ओटी तकनीशियन प्रमोद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





















