
हाथरस 14 जुलाई। जनपद में कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली की प्रगति, लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागवार राजस्व वसूली की प्रगति का गहन मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य देय, विविध देयों की वसूली, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियां, लंबित आरसी, तहसीलवार एवं विभागवार राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वसूली कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने तहसील स्तर पर लंबित आरसी की वसूली, धारा-24 एवं धारा-34 के प्रकरण, भूमि विवाद, अंश निर्धारण, अभिलेखीय त्रुटियों के निस्तारण, पट्टा आवंटन तथा कृषक दुर्घटना बीमा से संबंधित लंबित मामलों को विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों की लंबित वसूली का नियमित अनुश्रवण करते हुए राजस्व प्राप्ति बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि जिस गाटे का बैनामा किया जाए, उसका संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में भूमि विवादों और अन्य समस्याओं को रोका जा सकेगा। साथ ही राजस्व अभिलेखों की शुद्धता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया। अवैध खनन के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने कहा कि जनपद में किसी भी स्थिति में अवैध खनन और अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संयुक्त टीम गठित कर नियमित चेकिंग अभियान चलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खनन गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनपद की राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति लाई जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष जून 2026 तक विभागवार हुई राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत किया। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को विशेष अभियान चलाकर बकाया वसूली शीघ्र पूरी करने और निर्धारित लक्ष्य समय से हासिल करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, सभी उपजिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











