हाथरस 04 अक्टूबर। मेला श्री दाऊजी महाराज में दूर-दराज के जिलों से आए दर्जनों दुकानदारों ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया। दुकानदारों का आरोप है कि तहबाजारी ठेकेदार की ओर से निर्धारित स्थानों पर दुकानें लगाने के बावजूद मेला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर दुकानें हटाने का दबाव बना रहे हैं और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित दुकानदारों ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को संबोधित शिकायती पत्र भेजकर उत्पीड़न रोकने और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से दुकानें लगाने की अनुमति देने की मांग की है।
एडीएम को भेजे गए पत्र में दुकानदारों ने बताया कि वे अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए दूर-दराज के जिलों से मेला श्री दाऊजी महाराज में पहुंचे हैं। तहबाजारी ठेकेदार की ओर से जहां जगह उपलब्ध कराई जा रही है, वहां दुकानदार दुकानें सजाने के बाद कारोबार शुरू करते हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर दुकानों को हटाने का दबाव बनाने लगते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि दुकान नहीं हटाने पर सामान समेटने के लिए दबाव बनाया जाता है और उनके साथ अवांछित व्यवहार किया जाता है। इससे बाहर से आए दुकानदारों में रोष के साथ ही असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। दुकानदारों ने प्रशासन से मामले में स्पष्ट व्यवस्था कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें ससम्मान और सुरक्षित माहौल में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी गई तो वे भविष्य में हाथरस मेले में आना बंद कर देंगे। विरोध करने वालों में इस्माइल, समरिवान, बबलू, सुनील, महबूब, नूरबानी, भीष्म, श्यामचरन, रियाजुद्दीन, आनंद, अनीता कुमारी, मोनू सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे। वहीं, तहबाजारी ठेकेदार के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष्य पंडित ने बताया कि तहबाजारी में शामिल खाली पड़े स्थानों और रास्तों पर मेले की रौनक बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मौखिक सहमति दी गई थी। इसी आधार पर व्यापारियों को दुकानें आवंटित की गईं। उनका कहना है कि दुकानें सजने के बाद मेला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर इन्हें अवैध बताते हुए हटाने का अल्टीमेटम देने लगते हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा छोटे और गरीब दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।










