
हाथरस 04 अक्टूबर। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने न्यू हाथरस शहर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। चार हजार हेक्टेयर में प्रस्तावित न्यू हाथरस औद्योगिक शहर का क्षेत्रफल अब बढ़ाकर 11 हजार हेक्टेयर किया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने वाली कंपनी आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को नए सिरे से सर्वे कर मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यमुना प्राधिकरण फेज-2 में शामिल हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जिलों में औद्योगिक शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी क्रम में अलीगढ़ में टप्पल-बाजना, मथुरा में राया और आगरा में न्यू आगरा अर्बन सेंटर का मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। पहले हाथरस जिले के यीडा अधिसूचित क्षेत्र में चार हजार हेक्टेयर में नया औद्योगिक शहर बसाने की योजना बनाई गई थी। मास्टर प्लान के लिए चयनित आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट ने सर्वे के बाद हाथरस शहर के आसपास दो से तीन संभावित स्थानों का सुझाव दिया था। हालांकि, प्राधिकरण चार हजार हेक्टेयर में नए शहर की सभी सुविधाओं और आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर संतुष्ट नहीं था। इसके चलते अब क्षेत्रफल बढ़ाकर 11 हजार हेक्टेयर करने का निर्णय लिया गया है। कंपनी को इसी के अनुरूप दोबारा सर्वे कर विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया है।
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, चार हजार हेक्टेयर के छोटे क्षेत्र में नए औद्योगिक शहर की सभी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे का विकास करना चुनौतीपूर्ण होगा। इसके अलावा प्रस्तावित स्थान एक्सप्रेसवे से करीब 50 किलोमीटर तक दूर हैं, ऐसे में कनेक्टिविटी भी बड़ी चुनौती है। क्षेत्रफल बढ़ने से उद्योगों के साथ-साथ आवासीय, वाणिज्यिक और अन्य शहरी सुविधाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो सकेगी। यीडा के अधिसूचित क्षेत्र के नजदीक से रेलवे लाइन गुजर रही है। इसके आसपास नए शहर को नियोजित किए जाने से भविष्य में रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ भी मिल सकता है, जिससे औद्योगिक शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। न्यू हाथरस के मास्टर प्लान को लेकर स्थानीय प्रशासन से भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही अलीगढ़ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में हाथरस के जिलाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यीडा अधिसूचित क्षेत्र में नए शहर के विकास को लेकर मौजूदा बुनियादी ढांचे, औद्योगिक संभावनाओं, कनेक्टिविटी और अन्य विकास कार्यों पर अधिकारियों से सुझाव लिए जाएंगे। क्षेत्रफल बढ़ने के बाद न्यू हाथरस के बड़े औद्योगिक एवं शहरी केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।










