
हाथरस 13 जुलाई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की हाथरस शाखा से 50 लाख रुपये का व्यवसायिक ऋण लेकर फर्जी पते पर कंपनी संचालित करने और बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। बैंक शाखा प्रबंधक की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसबीआई हाथरस शाखा के शाखा प्रबंधक गौतम कौशल कुमार द्वारा न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र के अनुसार बैंक ने 31 मार्च 2022 को मैसर्स ग्रो डाट इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशकों को व्यवसाय संचालन के लिए 50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया था। कंपनी का कार्यालय हाथरस के रामलाल गंज, मुरसान गेट स्थित पते पर दर्शाया गया था। लेकिन 16 जून 2023 को बैंक द्वारा किए गए निरीक्षण में उक्त पते पर कोई व्यवसाय संचालित नहीं मिला। इसके बाद कंपनी के दिल्ली स्थित पंजीकृत पते फ्लैट संख्या-8, प्रथम तल, ब्लॉक-सी, पॉकेट-1, सेक्टर-11, रोहिणी की भी जांच कराई गई, जहां भी कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला। 28 दिसंबर 2023 को एनसीआरबी और बैंक कर्मचारियों के माध्यम से कराई गई जांच में भी सभी आरोपी अपने-अपने दिए गए पतों पर नहीं मिले।
शाखा प्रबंधक का आरोप है कि प्रीति शर्मा निवासी रोहतक, चंद्रकांत पाराशर निवासी भिवानी, चेष्टा ग्रोवर निवासी दिल्ली तथा जयकांत पाराशर निवासी रोहिणी ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक से ऋण प्राप्त किया और धनराशि का दुरुपयोग कर बैंक के साथ धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2023 में कोतवाली हाथरस में तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 15 जुलाई 2025 को पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की गई, किंतु राहत न मिलने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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