
नई दिल्ली 20 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखते हुए सरकार से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। सीजेपी ने अपनी पहली मांग में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा किए जाने की बात कही। दूसरी मांग के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई गई। वहीं तीसरी मांग में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यह ज्ञापन सरकार के प्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बैठक के बाद सौंपा गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था। उन्होंने बताया कि सुबह 11:50 बजे से प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रारंभिक स्तर पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद शाम करीब चार बजे उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा गया। जेपी नड्डा ने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील भी की। ज्ञापन के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 6 जून से अपना आंदोलन शुरू किया था, जिसे बाद में देश के कई शहरों तक विस्तारित किया गया। संगठन का आरोप है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, सीबीएसई कक्षा 12 के पोर्टल में आई तकनीकी गड़बड़ियों तथा सीयूईटी परीक्षा में हुई देरी जैसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियों की ओर संकेत करती हैं। संगठन ने इन मामलों में शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।








