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हाथरस 26 सितम्बर। सेठ पी.सी. बागला डिग्री कॉलेज में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता, संवेदनशीलता, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न समसामयिक एवं सामाजिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर समाज को जागरूकता का संदेश दिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने ‘मोबाइल की लत’, ‘निर्भया केस’, ‘सच्चा साथी कौन’ और ‘रोशनी की ओर’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। कलाकारों ने संवाद, अभिनय, भाव-भंगिमाओं और प्रभावशाली संदेशों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में ‘मोबाइल की लत’ विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसमें विधि शर्मा, खुशी कौशिक, बेबीनाज़, जांशी शर्मा, पूर्णा भारद्वाज एवं अनुपम यादव ने प्रतिभाग किया। द्वितीय स्थान ‘निर्भया केस’ विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक को मिला। इसमें गुड़िया, दामिनी, अंजलि पोनिया एवं अनुष्का ने अभिनय किया। प्रस्तुति में निर्भया की भूमिका निभाने वाली अंजलि पोनिया के प्रभावी अभिनय से हिन्दी विभाग के प्रोफेसर एवं निर्णायक प्रो. धर्मेन्द्र सिंह विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने अंजलि पोनिया का उत्साहवर्धन करते हुए सम्मान स्वरूप उन्हें ₹500 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

तृतीय स्थान संयुक्त रूप से दो प्रस्तुतियों को प्रदान किया गया। ‘सच्चा साथी कौन’ विषय पर पूजा सारस्वत, निशा रहमान, तुषार वार्ष्णेय एवं पूर्णा भारद्वाज ने प्रस्तुति दी। वहीं ‘रोशनी की ओर’ विषय पर भावना, अंजलि, मेघा शर्मा, चंद्रवती, योगेश एवं संदीप ने प्रभावशाली अभिनय किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) महावीर सिंह छौंकर ने कहा कि नुक्कड़ नाटक विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटकों में सामाजिक सरोकारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति देखने को मिली। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. सुनंदा महाजन, प्रो. राजेश कुमार शर्मा (वाणिज्य), प्रो. धर्मेन्द्र सिंह, प्रो. एम.पी. सिंह एवं डॉ. विमलेश शर्मा शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, संवाद, अभिनय, प्रस्तुति शैली, सामाजिक संदेश एवं प्रभावशीलता के आधार पर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनीत सिंह ने किया, जबकि कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. दीपा ग्रोवर रहीं। इस अवसर पर डॉ. प्रेम किशोर, डॉ. निखिल मिश्रा एवं डॉ. लख्मी चंद्र सहित महाविद्यालयी सांस्कृतिक समिति के सभी सदस्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दीपा ग्रोवर ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने में प्रभावी भूमिका निभाती हैं।

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