Hamara Hathras

Latest News

सिकन्दराराऊ (हसायन) 10 जुलाई। विकासखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण भले ही गर्मी से राहत मिलती दिखाई दी हो।मगर बरसात होने के कारण किसान भी जहां प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।अब लगातार हुई बरसात के कारण खेतों में उम्मीद से ज्यादा बरसात होनने की वजह से खेतों में पानी भर जाने के कारण कहीं पर धान की पौध की रखाई होने के बाद धान के डूब जाने की वजह से परेशान है।बरसात होने के कारण पुरदिलनगर मार्ग,नगला विजन मार्ग स्थित नगला ब्राहमण के निकट होकर गुजर रही ईशन नदी की साफ सफाई नही हो पाने की वजह से पिछले तीन दिन तक लगातार हुई झमाझम बरसात के कारण ईशन नदी का जलस्तर बढता हुआ दिखाई दिया।ईशन नदी के जलस्तर बढने के कारण नगला बरी पट्टी देवरी,नगला उदैया,महाराजपुर गांव के ग्रामीण किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ दिखाई दिया।तीन दिन में हुई बरसात के कारण ईशन नदी के जलस्तर बढते ही ग्रामीण अंचल के किसानों की धडकने पूर्व की तरह एक बार फिर से तेज होने लग गई है।किसान वर्ग के ग्रामीणों कहना है कि तीन दिन में झमाझम दिन रात्रि में बरसात होने की वजह अभी से ईशन नदी का जलस्तर बढता हुआ दिखाई देने लगा है।अगर पिछले वर्षो की तरह बाढ आई तो हालात और भी ज्यादा गंभीर हो जाएगें।पिछले तीन दिन में हुई बरसात के कारण ईशन नदी का जलस्तर बढते हुए खेतों की ओर अग्रसर होता हुआ जा रहा है।किसान वर्ग के ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात होने के बाद अचानक धीरे धीरे ईशन नदी का जलस्तर बढते ही पहले खेत फिर गांवों की ओर पानी बढता हुआ रफ्तार पकड लेता है।बरसात होने से पहले कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसान व ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए प्रयास करते हुए दिखाई नही देते है।किसान वर्ग के ग्रामीण बरसात होने के कुछ दिनो के बाद अचानक ईशन नदी में धीरे धीरे बढते हुए जलस्तर के कारण ईशन नदी का जल वहीं जल बाढ के रूप में आकार बदलकर किसान व ग्रामीणों की तबाही बनकर टूट पडता है।पिछले कई वर्षो से ईशन नदी के जलस्तर बढते रहने के बाद भी प्रशासनिक स्तर से मदद के नाम पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भेजकर खानापूर्ति करा दी जाती है।वर्तमान में ईशन नदी के जलस्तर बढने के कारण खेतों में काफी दूुर तक पानी हिलोरे लेते हुए दिखाई दे रहा है।शिवदान सिंह नगला बरी ने बताया कि पिछले कई वर्षो से बरसात हो जाने के बाद ईशन नदी में जलस्तर बढते ही बाढ के स्वरूप में आकार लेकर ग्रामीणों की तबाही बनकर टूट पडता है।बरसात के बाद बाढ जैसे हालात से निपटने के लिए जिम्मेदारों के द्वारा कोई तैयारियां तो दूर प्रयास भी नही किए जाते है।फिलहाल तीन दिन में हल्की बरसात होते ही खेतों की ओर पानी आने लगा है।टीकम सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने बताया कि अभी तक तीन दिन में बरसात होने के कारण ही खेतों में ईशन दी के जलस्तर बढते ही पानी आने लगा।बरसात के साथ साथ ईशन नदी के पानी आने से किसान वर्ग को काफी परेशानी होती है।पिछले छह सात वर्षो से आ रही ईशन नदी में बरसात के पानी बढते ही बाढ जैसे हालात होने पर किसान व ग्रामीण परेशान हो जाते है।सरकारी मदद के नाम पर ग्रामीण व किसानों के साथ सौतेला व्यवहार दलाल किस्म के लोगों के द्वारा कराया जाता है।हर वर्ष बाढ आने के कारण ग्रामीण धान के साथ गेंहू की फसल भी पानी खेतों में भरे होने के कारण नही कर पाते है।राजकुमार सिंह ने बताया कि अभी तीन दिन में लगातार बरसात होने के कारण आसपास के खेतों में धान की फसल की बुबाई करने की तैयारी कर रहे और तमाम किसान बुबाई कर चुके है।सभी की उम्मीदों पर पानी फिर गया।बरसात के पानी के कारण पास से गुजर रही ईशन नदी का जलस्तर भी तेज गति से खेतों की तरफ बढ रहा है।हर वर्ष इसी तरह से ईशन नदी का जलस्तर बढने के कारण बाढ आने से ग्रामीण व किसान तबाह हो जाते है।पिछले वर्ष भी बाढ आने की वजह से अब तक किसान व ग्रामीणों को अब तक राहत नही मिल पाई है।चन्द्रपाल सिंह यादव महाराजपुर ने बताया कि हर बार ईशन नदी का जलस्तर बढते ही चारों तरफ बाढ जैसे हालात बन जाते है।इस बार भी तीन दिन में बरसात होने के कारण खेतों में पानी भर गया है।बरसात होने से पहले कोई भी अधिकारी हम ग्रामीणों की समस्या व परेशानी का निवारण कर दूर करने के लिए नही आते है।ईशन नदी की खुदाई कर गहराई व चौडाई बढाकर साफ सफाई करा दी जाती।तो ग्रामीण व किसानों को कतई नही पछताना पडे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page