
हाथरस 07 नवंबर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लेबर कॉलोनी में दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक वातावरण के बीच विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोपाल कृष्ण समिति के सदस्य एवं नेकी की दुकान के संस्थापक अध्यक्ष दीपक शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और दीपावली के आध्यात्मिक महत्व को विभिन्न प्रस्तुतियों एवं वक्तव्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य दीपक द्वारा केवट-राम संवाद की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात महिमा वार्ष्णेय ने माता लक्ष्मी से संबंधित प्रेरणादायक लघुकथा प्रस्तुत की। शैक्षिक निदेशक डॉ. अनुपम भारद्वाज ने दीपावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच बेहतर सामंजस्य और सकारात्मक संबंध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेन्द्र नाथ शर्मा ने अपनी काव्य पंक्तियों, “जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना, अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए” के माध्यम से दीपावली का प्रेरणादायक संदेश दिया। वहीं विद्यालय के प्रबंधक मनोज अग्निहोत्री ने भगवान श्रीराम द्वारा राक्षसी शक्तियों के संहार और अधर्म पर धर्म की विजय का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए धनतेरस से भैया दूज तक मनाए जाने वाले पर्वों के महत्व को विस्तार से समझाया। साथ ही माता लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्रा से संबंधित पौराणिक कथा और पीपल के वृक्ष के नीचे उनके निवास की मान्यता के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय अध्यक्ष पुरुषोत्तम दास राठी ने अपनी प्रेरणादायक काव्य पंक्तियों के माध्यम से सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों, आचार्यों एवं आचार्याओं के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की बधाई देते हुए पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस अवसर पर विद्यालय अध्यक्ष पुरुषोत्तम दास राठी, प्रबंधक मनोज अग्निहोत्री, प्रधानाचार्य लोकेन्द्र नाथ शर्मा, उपप्रधानाचार्य सतीश कुमार सारस्वत, शैक्षिक निदेशक डॉ. अनुपम भारद्वाज, कोऑर्डिनेटर अल्का शर्मा तथा गोपाल कृष्ण समिति के सदस्य एवं नेकी की दुकान के संस्थापक अध्यक्ष दीपक शर्मा सहित विद्यालय के समस्त आचार्य एवं आचार्याएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सभी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और दीपावली के आध्यात्मिक संदेश को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।






