सासनी 05 नवंबर। महंगाई, किसानों की समस्याओं और सरकारी नीतियों के विरोध में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सहकारी समितियों पर गेहूं की उपलब्धता, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, कृषि उत्पादों पर जीएसटी समाप्त करने और फसलों की उचित सरकारी खरीद सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी शिव प्रकाश यादव को सौंपा गया। धरने की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सिंह चौहान ने की, जबकि संचालन जिलाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर बांगड़ ने किया। धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते किसान और आम जनता महंगाई से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर किसानों को गेहूं नहीं मिल पा रहा है और गेहूं की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने पात्र किसानों को गेहूं उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2026 के लिए गेहूं के समर्थन मूल्य में की गई 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी महंगाई के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इसमें कम से कम 352 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही घरों में नकदी रखने की सीमा निर्धारित करने और यूपीआई के माध्यम से दो हजार रुपये से अधिक के बैंक लेनदेन पर पांच प्रतिशत टैक्स लगाए जाने के कथित आदेश का विरोध किया।
किसान नेताओं ने आवश्यक खाद्य पदार्थों और कृषि बीजों पर जीएसटी समाप्त करने तथा किसानों की फसलों की उचित सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की भी मांग की। उनका कहना था कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के उपरांत यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी शिव प्रकाश यादव को सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, रघुबीर प्रसाद, शिवकुमार, गोवर्धन ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी सुधीर सिंह, इंद्रजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और यूनियन कार्यकर्ता मौजूद रहे।










