सादाबाद 04 नवंबर। गांव कुरसंडा गौशाला में गोवंश की देखरेख में लापरवाही के मामले में ग्राम पंचायत सचिव और पशुधन प्रसार अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचायत सचिवों में आक्रोश फैल गया है। जनपद के पंचायत सचिवों ने बीडीओ दफ्तर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सचिवों ने दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक रिपोर्ट निरस्त नहीं होगी, तब तक कार्य बहिष्कार कर धरना जारी रखा जाएगा।
मामला कुरसंडा गौशाला का है। 30 अक्टूबर को गौशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कई गोवंश मृत अवस्था में पड़े होने का दावा किया गया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 31 अक्टूबर को खंड विकास अधिकारी सुरेश कुमार सिंह और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास यादव ने संयुक्त रूप से गौशाला का निरीक्षण किया था। जांच में चार गोवंश बीमार मिले थे। इनमें दो की हालत गंभीर थी, जबकि दो सामान्य रूप से बीमार थे। निरीक्षण के दौरान एक गाय का अविकसित भ्रूण भी मृत अवस्था में मिला था, जिसे मौके पर ही गड्डा खुदवाकर दफन कराया गया था। जांच के आधार पर खंडu विकास अधिकारी की ओर से ग्राम पंचायत सचिव संत कुमार और पशुधन प्रसार अधिकारी दिनेश पाल सिंह के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पंचायत सचिव यूनियन ने इस कार्रवाई पर विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग उठाई। इसी क्रम में जिला मंत्री प्रकाश चंद्र की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कुरसंडा के पंचायत सचिव संत कुमार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर नाराजगी जताई। समिति ने निर्णय लिया कि सभी सचिव एकजुट होकर इस कार्रवाई का विरोध करेंगे। पंचायत सचिवों ने विधायक प्रदीप चौधरी से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखी। इसके बाद बीडीओ कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया गया। धरनारत सचिवों ने स्पष्ट कहा कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक सभी सचिव कार्य बहिष्कार कर अनवरत धरना देंगे। धरना प्रदर्शन में जनपद के करीब चार दर्जन ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सचिव मौजूद रहे।





