
हाथरस 03 नवंबर। तहसील सदर के अंतर्गत विनियमित क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भवन निर्माण और कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विनियमित क्षेत्र कार्यालय की ओर से आमजन के लिए सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों को अवैध कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से सावधान किया गया है। जारी सूचना के अनुसार विनियमित क्षेत्र में शामिल ग्रामों में किसी भी प्रकार का आवासीय, व्यावसायिक अथवा अन्य भवन निर्माण करने या भूमि को कॉलोनी के रूप में विकसित करने से पहले नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र सदर हाथरस से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। बिना स्वीकृति निर्माण करना उत्तर प्रदेश (निर्माण का विनियमन) अधिनियम, 1958 की धारा 6 का उल्लंघन है। कार्यालय के संज्ञान में आया है कि कुछ लोगों द्वारा विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि पर बिना ले-आउट स्वीकृत कराए अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही है और भूखंड बेचे जा रहे हैं। ऐसी कॉलोनियों में सड़क, नाली, जल निकासी, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं होती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अनधिकृत कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले लोगों के भवन मानचित्र स्वीकृत नहीं हो सकेंगे। साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि विनियमित क्षेत्र में कोई भी भूखंड खरीदने से पहले तहसील सदर स्थित विनियमित क्षेत्र कार्यालय से यह जरूर पता कर लें कि संबंधित कॉलोनी का ले-आउट मानचित्र स्वीकृत है या नहीं। भवन निर्माण शुरू करने से पहले भी मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। सूचना में बताया गया है कि विनियमित क्षेत्र में शामिल ग्रामों की सूची और स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों की सूची कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा अवैध प्लॉटिंग अथवा अनधिकृत निर्माण की शिकायत कार्यदिवसों में विनियमित क्षेत्र कार्यालय, तहसील सदर हाथरस में की जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।










