
हाथरस 1 नवंबर। दीपोत्सव के पावन अवसर पर ब्रज की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित वंदेमातरम कवि सम्मेलन श्रृंखला के अंतर्गत ब्रज कला केंद्र की ओर से ब्रजधाम मथुरा में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 41 कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का काव्यपाठ कर साहित्यिक समां बांध दिया। कवियों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों का सम्मान करने के साथ दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रज कला केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र शर्मा, ब्रजधाम के उपाध्यक्ष दीपक गोयल, विशिष्ट अतिथि मफतलाल अग्रवाल, आकाशवाणी के देवेंद्र सारस्वत, राजेंद्र कुमार अग्रवाल हाथीवाला, कार्यक्रम अध्यक्ष ब्रज कवि राधा गोविंद पाठक तथा ब्रज संगीत विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. राजेंद्र कृष्ण अग्रवाल रजक ने मां सरस्वती के छवि चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ब्रज के कवियों के परिचय पर आधारित पुस्तक ‘बधाई है बधाई’ का विमोचन रहा। इसके साथ ही सुकवि दरियाव सिंह राजपूत, मोदीनगर की पुस्तक ‘ब्रजकन पदावली’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के माध्यम से ब्रज की साहित्यिक विरासत और रचनाकारों के योगदान को सामने लाने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर साहित्य एवं काव्य मंच के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों को विभिन्न स्मृति सम्मान प्रदान किए गए। डॉ. राजेंद्र कुमार अग्रवाल रजक को काका हाथरसी स्मृति सम्मान, मफतलाल अग्रवाल को रामनारायण अग्रवाल भैय्याजी स्मृति सम्मान तथा आकाशवाणी के देवेंद्र सारस्वत को कन्हैयालाल गौतम स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान स्वर्गीय जगदीश मित्तल के काव्य मंच के लिए किए गए योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में आशुकवि अनिल बौहरे को उनके 75वें अमृत जन्मोत्सव के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। कवि सम्मेलन में कवयित्रियों ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इनमें रेणु उपाध्याय, डॉ. नीतू गोस्वामी, संगीता शर्मा, गंगारानी चतुर्वेदी, संगीता चौहान, ममता सौनी, अनन्या गौतम और लवली वीना चौधरी प्रमुख रहीं। वहीं कवियों में रामेन्द्र सिंह ब्रजबासी, मोहनलाल मोही, अटल राम चतुर्वेदी, डॉ. अंजीव अंजुम, हरिबाबू ओम, गोपाल चतुर्वेदी, अक्षय चतुर्वेदी, डॉ. शिवचरण लाल, मनोज भट्ट, पीयूष सिंह, सोहनलाल शीतल, देवी प्रसाद गौड़, ग़ाफ़िल स्वामी, योगेश कुमार शर्मा बेखुद, मदन मोहन अरविंद, सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. रामदेव शर्मा राही, मूलचंद निर्मल, प्रभूदत्त उपाध्याय, सुभाषचंद्र गुप्ता मुसाफिर, रवि प्रकाश भारद्वाज, सतीश दीक्षित, ब्रजकण, डॉ. अमर सिंह सैनी, सचिन अग्रवाल, जितेंद्र सिंह विमल, रूपेश धनगर, उदय वीर सिंह उदय, राहुल ब्रजबासी, धनंजय तिवारी और धर्मराज ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन आशुकवि अनिल बौहरे ने किया, जबकि व्यवस्था एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी ग़ाफ़िल स्वामी और राजेंद्र कुमार हाथीवाला ने संभाली। दीपोत्सव के अवसर पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन ने ब्रज की काव्य परंपरा, साहित्यकारों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया।








