सादाबाद 31 अक्टूबर। दी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र पाराशर के खिलाफ पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने से अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित एडवोकेट की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सर्वसम्मति से शनिवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सादाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र पाराशर के खिलाफ द्वेष भावना से प्रेरित होकर मिथ्या आधारों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अनुचित बताया। बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए मुकदमा वापस लिए जाने की मांग उठाई। दी बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर अधिवक्ता समाज में भारी नाराजगी है। यदि पुलिस प्रशासन ने मुकदमा वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अधिवक्ता अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। इससे पहले डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार बंसल भी सुरेंद्र पाराशर के खिलाफ दर्ज मुकदमे पर आक्रोश व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने विरोध स्वरूप 2 नवंबर को जनपद के सभी अधिवक्ताओं से पूरे दिन न्यायिक कार्यों से विरत रहने का आह्वान किया है। इस घोषणा के बाद अधिवक्ताओं का विरोध जिला स्तर तक पहुंच गया है। वहीं, न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के निर्णय से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।





