
हाथरस 31 अक्टूबर। गांव में खारे पानी की समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों को वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और पाइपलाइन बिछाई गई। इसके माध्यम से राजनगर और महासिंहपुर तक भी पानी पहुंचाया जा रहा है। लेकिन अब पाइपलाइन में लगातार हो रहे लीकेज ने नगला मया के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार, पाइपलाइन में जगह-जगह रिसाव होने से पानी गांव के रास्तों पर फैल रहा है। इससे रास्तों पर कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई है। लोगों को रोजाना आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए रास्तों से निकलना मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की टंकी बनने और पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद से कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। मरम्मत के दो-चार दिन बाद ही पाइपलाइन फिर से लीक होने लगती है और हालात पहले जैसे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि बार-बार मरम्मत के बावजूद पाइपलाइन का रिसाव आखिर क्यों नहीं रुक पा रहा है? वर्षों के संघर्ष के बाद मिली पेयजल सुविधा के बावजूद गांव के रास्तों पर पानी और कीचड़ का जमा होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पाइपलाइन की तकनीकी जांच कराकर लीकेज का स्थायी समाधान कराने और रास्तों पर जमा पानी एवं कीचड़ से राहत दिलाने की मांग की है।










