
हाथरस 31 अक्टूबर। लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने तथा देशवासियों के बीच एकता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। साथ ही देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने की शपथ भी ली। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा और सुना। इस अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक रूप से तभी विकसित हो सकता है, जब वह एकता के सूत्र में बंधा हो। आज भारत जिस एकीकृत स्वरूप में दिखाई दे रहा है, उसके निर्माण और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में सरदार वल्लभभाई पटेल का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान भी बंधुता, आपसी सद्भाव और ऐसी सामाजिक एकजुटता पर बल देता है, जो राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखे।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय एकता और आर्थिक विकास के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक तीनों क्षेत्रों का विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। भारत कृषि प्रधान देश रहा है। प्राथमिक क्षेत्र से प्राप्त कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, विपणन, उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और निर्यात करने में द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि हाथरस का इतिहास एक प्राचीन औद्योगिक एवं वाणिज्यिक केंद्र के रूप में रहा है। यह जनपद की गौरवशाली परंपरा है, जिसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 12 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र की नई योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का उद्देश्य छोटे एवं सूक्ष्म उद्योगों को एक ही परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, प्रशिक्षित मानव संसाधन, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, कच्चे माल की उपलब्धता, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, मार्केटिंग एवं विपणन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि लगभग 10 से 25 एकड़ भूमि में विकसित होने वाले इन केंद्रों में प्राथमिक उत्पादक से लेकर तैयार उत्पाद के विपणन तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर सुविधाजनक बनाई जाएगी। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमों को विशेष लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। डीएम ने योजना को हाथरस में लागू करने के लिए भूमि चयन के विभिन्न विकल्पों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सलेमपुर में विकसित हो रहे नवीन औद्योगिक क्षेत्र के सामने पॉलिटेक्निक के आसपास भूमि उपलब्ध होने का विकल्प है। इसके अतिरिक्त ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निकट यूपीईडा द्वारा चिह्नित भूमि पर भी केंद्र स्थापित करने की संभावना है। एक अन्य विकल्प के रूप में उद्योग विभाग को लगभग 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराकर वहां विभिन्न औद्योगिक क्लस्टर, प्रशिक्षण सुविधाएं एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना को हाथरस में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों, उद्योग जगत एवं व्यापारिक संगठनों के साथ चरणबद्ध तरीके से विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर कार्ययोजना तैयार कर इसे धरातल पर उतारा जा सके। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर, उद्योग बंधु के सदस्य, व्यापारी वर्ग, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










