
हाथरस 26 अक्टूबर। आठवीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद के कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन हाथरस के समन्वय से भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट, सलेमपुर में आपदा प्रबंधन एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें प्लांट के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एनडीआरएफ तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान वाहन की टक्कर से पेट्रोलियम टैंकर में आग लगने की काल्पनिक घटना का अभ्यास किया गया। घटना की सूचना मिलने पर प्लांट के प्रबंधक, सुरक्षा अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के प्रयास किए। स्थिति नियंत्रित न होने पर जिला प्रशासन को सूचना दी गई। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अग्निशमन एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। संयुक्त प्रयासों के जरिए काल्पनिक आग पर सफलतापूर्वक काबू पाने की कार्रवाई प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम में भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट के प्रबंधक, सुरक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। एनडीआरएफ की टीम ने आपदा से बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया। वहीं, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हाथरस की ओर से जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी लेखराज सिंह ने प्रतिभाग किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना था। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह भी रेखांकित किया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता, सुरक्षित निकासी और समय पर कार्रवाई जन-धन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रशिक्षण और अभ्यास से संभावित दुर्घटनाओं के दौरान संबंधित कर्मचारियों एवं बचाव दलों की भूमिका को स्पष्ट करने तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।






