
हाथरस 24 अक्टूबर। विकास भवन की तीन मंजिला इमारत में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिफ्ट स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के ग्राम्य विकास विभाग के तहत मुख्य प्राविधिक परीक्षक, टीएसी, ग्राम्य विकास की ओर से मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस को दोबारा पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 22 अक्टूबर 2026 को जारी अनुस्मारक पत्र में विकास भवन की तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट स्थापित कराने के संबंध में पूर्व में भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए अपेक्षित कार्रवाई करने को कहा गया है। पत्र के अनुसार, इस मामले में 25 सितंबर 2026 को जारी निर्देशों और जिला विकास अधिकारी, हाथरस की ओर से 16 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र के क्रम में प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। हालांकि, संबंधित प्रस्ताव पर जनपद से अपेक्षित आख्या अब तक प्राप्त नहीं हुई है।
जारी पत्र में मुख्य विकास अधिकारी से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सक्षम स्तर से हस्ताक्षरित प्रस्ताव, निर्धारित चेकलिस्ट और प्राक्कलन भेजने का अनुरोध किया गया है, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। शासन की ओर से दोबारा अनुस्मारक भेजे जाने के बाद इस प्रकरण में कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि विकास भवन में लिफ्ट स्थापित कराने की मांग राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड, उत्तर प्रदेश के सदस्य सागर शर्मा ने भी उठाई थी। उन्होंने 25 अगस्त 2026 को उपमुख्यमंत्री को संबोधित पत्र भेजकर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगवाने का अनुरोध किया था। पत्र की प्रति संबंधित विभाग को भी भेजी गई थी। उन्होंने कहा था कि सरकारी कार्यों के लिए विकास भवन आने वाले दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
इस पहल के बाद मुख्य प्राविधिक परीक्षक, टीएसी, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश की ओर से 31 अगस्त 2026 को मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी प्रस्ताव से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार जारी रहा। विकास भवन में लिफ्ट स्थापित होने से विभिन्न विभागों में सरकारी कार्यों के लिए आने वाले दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे तीन मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में होने वाली परेशानी कम हो सकेगी। हालांकि, फिलहाल लिफ्ट स्थापित करने की प्रक्रिया प्रस्ताव और विभागीय कार्रवाई के चरण में है।






