
हाथरस 21 अक्टूबर । जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, टीबी अभियान एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने, योजनाओं की प्रगति बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किया जाए। जिला अस्पताल एवं विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखते हुए आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने मंत्र ऐप पर लाभार्थियों का डेटा समयबद्ध रूप से फीड करने और योजना के अंतर्गत लंबित भुगतानों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र लाभार्थी का भुगतान तकनीकी अथवा प्रशासनिक लापरवाही के कारण लंबित नहीं रहना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आवश्यक जांच समय से कराने और जरूरत पड़ने पर आयरन सुक्रोज की डोज उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दूसरे विकासखंड में प्रसव होने की स्थिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचना उपलब्ध कराएं। सहपऊ और सासनी में प्रगति धीमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने तथा जननी सुरक्षा योजना के पोर्टल का पासवर्ड बदलने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए।
निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निजी अस्पतालों के एजेंट के रूप में कार्य न करें। इसके साथ ही ई-कवच पोर्टल पर मरीजों का डेटा समय से फीड कराने, मुख्य विकास अधिकारी को टीम गठित कर जांच कराने तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गूगल शीट के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, जनजागरूकता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत संभावित मरीजों की समय से पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
बैठक में ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, एफआरयू, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और पीसीपीएनडीटी एक्ट सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, एमओआईसी, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









