हाथरस/सहपऊ 16 अक्टूबर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहपऊ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई होती हुई पाई गई, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत अधिकांश कार्मिक अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर आवश्यक कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार भी मौके पर उपस्थित नहीं मिले। सीएमओ ने फोन पर उनसे उनकी अनुपस्थिति के संबंध में जानकारी ली, जिस पर डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि वह सीएमओ कार्यालय गए हुए हैं। हालांकि, उनके द्वारा चिकित्सा प्रभारी को इस संबंध में पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। इस मामले में डॉ. संजीव कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सक के एक आवास में अर्चना नाम की संविदा पर कार्यरत एएनएम निवास करती हुई मिलीं। बताया गया कि वह पिछले कई वर्षों से उक्त आवास में रह रही हैं, लेकिन उनके द्वारा बिजली का बिल और मकान का किराया जमा नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए, ताकि नियमानुसार उनके वेतन से बिजली के बिल और मकान के किराये की धनराशि की कटौती की जा सके। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहपऊ में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच भी की गई। जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत कुल 76 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। निरीक्षण के समय तक 28 एक्स-रे किए जा चुके थे। सीएमओ ने पैथोलॉजी विभाग को गर्भवती महिलाओं की जांच प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक जांच और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। सीएचसी सहपऊ के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति, आवासीय व्यवस्था और गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अनुपस्थित कार्मिकों और चिकित्सक की गैरहाजिरी के मामले में स्पष्टीकरण एवं रिपोर्ट मांगे जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने और अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।








