सिकन्दराराऊ (हसायन) 07 अक्टूबर। हसायन कोतवाली क्षेत्र में रात के अंधेरे में कथित रूप से अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। बुधवार तड़के करीब तीन बजे हसायन कस्बे से नगला रति मार्ग पर कोतवाली परिसर के सामने से मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते दिखाई दिए। वहीं नगला रति की ओर से कोतवाली के सामने होकर कस्बे की तरफ खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली आते हुए नजर आए। इसको लेकर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया कि रात होते ही मिट्टी खनन से जुड़े वाहन कथित रूप से सक्रिय हो जाते हैं और देर रात से तड़के तक मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। बुधवार तड़के भी मिट्टी से भरे छह पहिया ट्रैक्टर-ट्रॉली कस्बे से नगला रति की ओर जाते हुए दिखाई दिए, जबकि कुछ समय बाद नगला रति की तरफ से खाली वाहन उसी रास्ते से वापस कस्बे की ओर आते दिखाई दिए। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि रात के समय मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। तेज रफ्तार में मिट्टी से भरे वाहनों के आवागमन के कारण राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि रात में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर हादसे का खतरा भी बना रहता है।
इस मामले में जब उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ धर्मेंद्र सिंह से जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि यदि कोतवाली के सामने से मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रहे थे और पुलिस ने उन्हें नहीं पकड़ा तो वह मामले को दिखवाएंगे। वहीं हसायन कोतवाली प्रभारी मनीष चिकारा से मामले के संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में होता तो तत्काल कार्रवाई की जाती और आगे ऐसी स्थिति होने पर सूचना देने की बात कही। वहीं मामले में खनन विभाग की भूमिका और कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने के लिए खनन अधिकारी हाथरस और तहसीलदार सिकंदराराऊ से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका।








