सिकन्दराराऊ (हसायन) 07 अक्टूबर। कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाइवे पांच सौ तीस बी के लिंक मार्ग से हसायन गडोला के लिए जाने वाले मार्ग स्थित गांव नगला रति पर मंगलवार की देर रात को सर्प दंश से एक युवक की मौत हो गई।युवक की मौत के बाद ग्रामीण व परिजनों में हड़कंप मच गया।गांव में शव पहुंचते ही बुधवार की सुबह हडंकप मच गया।बुधवार की दोपहर साढे बारह बजे गांव में भूमिगत कर अंतिम संस्कार कर दिया।शोक के कारण गांव में चूल्हे तक नही सुलग पाए। साहब सिंह पुत्र स्वः शिशुपाल सिंह उम्र लगभग सत्ताइस वर्ष निवासी गाँव नगला रति अपने गांव के हसायन-गडोला-नगला रति मार्ग पर गांव के बाहर ही अपने मकान के बाहर दुकान बनाकर रहता था।साहब सिंह अपने मकान के बाहर दुकान पर परिवार के भरण पोषण करने के लिए दो पहिया वाहन मोटर साइकिल, साइकिल,चार पहिया,छह पहिया वाहन में पंचर लगाने का कार्य करता था।साहब सिंह मंगलवार छह अक्तूबर की रात्रि को आठ बजे के लगभग अपनी दुकान बंद करने के बाद अपने घर पर चला गया।घर मकान से वह अपने मकान दुकान के पीछे स्थित खेत की ओर जा रहा था।खेत के लिए जाते समय रास्ते में किसी निर्जीव वस्तु लकडी का डंडा या बैल्ट समझने कारण सर्प को हाथ से उठाया।तो काले रंग के कोबरा स्तर के काले सर्प को रास्ते पर जमीन से हाथ लगाकर उठाते ही काले रंग के जहरीले विषैले सर्प ने साहब सिंह पंचर कारीगर (मिस्त्री) के दांए सीधे हाथ में काट लिया।सर्प के काटते ही साहब सिंह ने डंडा उठाकर सर्प के जड दिए।साहब सिंह के द्वारा सर्प के डंडा जड जाने से सर्प मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया।सर्प को मरा हुआ समझकर साहब सिंह सर्प को लेकर खेत की तरफ चले।तभी सर्प ने साहब सिंह को दूसरे बांए हाथ में काट लिए जाने पर सर्प के काटते ही साहब सिंह की चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचें।तो सर्प के काटने के कारण साहब सिंह की हालत बिगडती देख परिजन उपचार कराए जाने के लिए पास के ही गांव कलूपुरा में वायगीर ओझा के पास ले गए।तो ओझा बायगीर ने साहब सिंह की हालात देखते ही उपचार करने से इंकार कर दिया गया।तो परिजन साहब सिंह को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय हाथरस के लिए ले गए।जहां पर चिकित्सकों ने साहब सिंह को मृत घोषित कर दिया।साहब सिंह के परिजन जिला चिकित्सालय से बापिस अपने गांव घर नगला रति ले जाने के बजाए साहब सिंह को मृत अवस्था में ही पानी गांव मथुरा के एक बायगीर ओझा के पास उपचार के लिए ले गए।जब पानी गांव मथुरा के बायगीर ने साहब सिंह को मृत समझकर घर ले जाने के लिए मना कर दिया।साहब सिंह के परिजन व ग्रामीण साहब सिंह के शव को लेकर बुधवार की सुबह साढे पांच बजे गांव पहुचे।तो गांव में साहब सिंह की मृत्यु हो जाने की जानकारी मिलते ही परिजन करुण क्रंदन कर चीख पुकार मचाकर रूदन करते हुए चीख पुकार मचा रहे।घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।ग्रामीणों ने जब काले रंग के कोबरा सर्प को मौके पर पहुंचकर पडा देखा।तो सर्प भी मरा हुआ दिखाई दिया।साहब सिंह की मौत की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण,परिजन के अलावा रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए।साहब सिंह के पिता की साहब सिंह के बचपन में साथ छोड गए थे।मृतक साहब सिंह अपने परिवार में भाई धर्मेन्द्र,प्रमोद व बहन दो भाईयों व एक बहिन सहित चार सदस्यों मे सबसे छोटा चौथे नंबर का सदस्य था।साहब सिंह का बडा भाई धर्मेन्द्र टैक्टर ट्राली चलाकर जीवन यापन करता है।प्रमोद की हाल ही में किसी जगह नौकरी लगने पर घर से चला गया था।साहब सिंह की बहन की भी शादी हो चुकी है।साहब सिंह की सात माह पूर्व बैशाख अप्रैल माह में आगरा के टेडिया बगिया से चौबीस वर्षीय कामना के साथ हुई थी।पति साहब सिंह की मौत के बाद साहब सिंह की पत्नी करूण क्रंदन कर चीख पुकार करते हुए करूण विलाप कर चीख-पुकार कर कोहराम मचा रही थी।