
हाथरस 07 अक्टूबर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। बैठक में मुख्य देय एवं विविध देयों की वसूली, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों, लंबित आरसी तथा तहसीलवार और विभागवार राजस्व कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष सितंबर 2026 तक की गई राजस्व वसूली की विभागवार जानकारी प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान कम वसूली वाले विभागों की स्थिति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान चलाकर बकाया राजस्व की वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वसूली के दौरान किसी भी व्यक्ति का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और प्रत्येक कार्रवाई नियमानुसार, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जाए। जिलाधिकारी ने एआईजी स्टाम्प को निर्देशित किया कि किसी भी बैनामे से पूर्व संबंधित गाटे का मौके पर स्थलीय सत्यापन कराया जाए और उसकी रिपोर्ट पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थलीय सत्यापन में गलत रिपोर्ट सामने आती है तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित होने से भूमि संबंधी विवादों और भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं आबकारी विभाग की माहवार अपेक्षाकृत कम वसूली पर भी उन्होंने अभियान चलाकर राजस्व प्राप्तियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अवैध खनन को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए खनन अधिकारी से कहा कि जनपद में किसी भी दशा में अवैध खनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन और उसके परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा पूरे जिले में लगातार निगरानी रखी जाए। मंडी व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मंडी सचिव को निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं और मंडी में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की मंडियों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को प्रवर्तन संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा। आगामी त्योहारों को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को अवैध एवं नकली शराब की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए और इस संबंध में लगातार निगरानी एवं कार्रवाई की जाए। साथ ही उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पटाखों के गोदामों और दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पटाखों की दुकानें जहां लगाई जाएं, वहां निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर लंबित आरसी की वसूली में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित वसूली प्रकरणों की नियमित रूप से समीक्षा और अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वसूली कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए गंभीरता से कार्य करना होगा। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्धारित लक्ष्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जनपद की राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित हो सके। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, वाणिज्य कर अधिकारी, सभी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।








