सिकन्दराराऊ 07 अक्टूबर। शहर के पंत चौराहा क्षेत्र स्थित वंदना अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बुधवार को जांच प्रक्रिया को लेकर हंगामा हो गया। एक मरीज/शिकायतकर्ता की ओर से जांच के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक घटना होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से मीडिया को मामले की जानकारी दी। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सूचना मिलने के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
पुलिस शिकायतकर्ता को थाने ले गई, जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी शिवकुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता को थाने ले जाया गया, जहां शिकायत दर्ज कराने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने का प्रयास कर रही है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेज, बयान और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
ओडी रिकॉर्डिंग और चिकित्सकीय दस्तावेज भी जांच के दायरे में
मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, मामले से जुड़ी ओडी रिकॉर्डिंग के साथ-साथ चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य संबंधित जानकारियों की भी जांच की जा सकती है। इन दस्तावेजों और रिकॉर्डिंग के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, अभी इन साक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पूर्व में भी जांच को लेकर चर्चा में रहा है क्लीनिक
वंदना क्लीनिक को लेकर पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच किए जाने की बात सामने आई थी। पिछली जांच की सीएमओ रिपोर्ट को लेकर भी अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मौजूदा शिकायत सामने आने के बाद पूर्व की जांच और वर्तमान मामले को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत को किस स्तर पर संज्ञान में लेता है और क्या पूर्व में हुई जांच के दस्तावेजों को भी मौजूदा प्रकरण के साथ जोड़कर देखा जाता है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरे मामले की सच्चाई
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस द्वारा शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों, संबंधित लोगों के बयान और चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी नजर बनी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोपों की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में तस्वीर भी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।








