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सादाबाद 06 अक्टूबर। 93 दिन तक बेटे के इंतजार में जिस घर की खुशियां जैसे थम गई थीं, उसी घर में खुशी लौट आई। सादाबाद क्षेत्र के गांव खेड़ा बरामई निवासी 16 वर्षीय अनुज चौधरी के घर लौटने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। गांव में अनुज के लौटने की खबर फैलते ही जश्न का माहौल बन गया। लोगों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई और आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अनुज से मिलने उसके घर पहुंच रहे हैं। हालांकि घर लौटने के बाद अनुज फिलहाल बेहद शांत है। वह किसी से ज्यादा मिलना-जुलना नहीं चाहता और परिवार के बीच रहकर चुपचाप समय बिता रहा है। इसके बावजूद परिजनों के लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि उनका इकलौता बेटा अब उनके सामने और सुरक्षित है। अनुज 3 जुलाई को अचानक घर से लापता हो गया था। इससे पहले 25 जून को वह वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद आश्रम गया था, जहां उसने दीक्षा ली थी। बेटे के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही परिजन लगातार अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश करते रहे। 93 दिन तक चले इस इंतजार ने परिवार का सुख-चैन छीन लिया था। बेटे की तलाश में भटकते-भटकते जब परिजनों का धैर्य जवाब देने लगा तो बीते शनिवार को उन्होंने वृंदावन के केली कुंज आश्रम के सामने धरना-प्रदर्शन किया। परिवार की मांग थी कि अनुज को तलाशकर उन्हें सौंपा जाए। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हुई और अनुज को बरामद कर लिया गया। सोमवार को पुलिस और बाल कल्याण समिति की आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद अनुज को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को सामने देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। अनुज के पिता राजवीर सिंह ने बताया कि घर आने के बाद उनकी बेटे से बात हुई। अनुज ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अब वह दोबारा कभी घर छोड़कर नहीं जाएगा।

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