
हाथरस 06 अक्टूबर। अलीगढ़ रोड स्थित नवीन कृषि मंडी समिति के सामने मंगलवार को धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारों के चलते भीषण जाम लग गया। मंडी में धान की अचानक बढ़ी आवक के कारण परिसर पूरी तरह भर गया, जिसके चलते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खड़ा करने और धान की लोडिंग-तौल में भी व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम का असर अलीगढ़ रोड पर भी पड़ा और सुबह से लेकर दिनभर यातायात व्यवस्था चरमराई रही। स्थिति को देखते हुए मंडी समिति प्रशासन ने 7 अक्टूबर को किसानों द्वारा बिक्री के लिए लाए जाने वाले धान एवं अन्य कृषि उत्पादों के वाहनों का प्रवेश बंद रखने का निर्णय लिया है। मंडी प्रशासन ने किसानों और व्यापारियों से अपील की है कि वे 7 अक्टूबर को अपना कृषि उत्पाद लेकर मंडी न आएं, ताकि उन्हें जाम और अव्यवस्था के कारण अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी का संचालन 8 अक्टूबर से पूर्व की तरह शुरू होगा।
स्कूली बच्चे घंटों जाम में फंसे
अलीगढ़ रोड पर जाम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और अभिभावकों पर देखने को मिला। सुबह करीब पांच बजे से लगा जाम दिनभर बना रहा। अलीगढ़ रोड स्थित स्कूलों की बसें, वैन और अन्य वाहन जाम में फंस गए। कई बच्चे सुबह छह बजे घर से निकलने के बावजूद आठ बजे तक स्कूल नहीं पहुंच सके। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद कई बच्चे बसों से उतरकर पैदल जाम पार करने को मजबूर हुए। इसके बाद उन्होंने ई-रिक्शा से स्कूल का रास्ता तय किया। वहीं, कई अभिभावकों ने इंडस्ट्रियल एरिया, विनोद विहार कॉलोनी और रावत नगर के आंतरिक रास्तों का सहारा लेकर बच्चों को स्कूल पहुंचाया। दिनभर इन संकरे रास्तों पर ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और स्कूल वैन दौड़ते नजर आए। जाम खुलवाने के लिए दो यातायात सिपाही और दो सिविल पुलिसकर्मी मौके पर मशक्कत करते दिखाई दिए, लेकिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार के कारण उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
रोजाना हजारों कुंतल धान की आवक
मंडी में इन दिनों धान की बंपर आवक हो रही है। मंडी प्रशासन के मुताबिक प्रतिदिन करीब 40 से 50 हजार कुंतल तक धान पहुंच रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मंडी की रोजाना आवक का आंकड़ा 25 से 30 हजार कुंतल भी बताया गया है। कंबाइन मशीनों से धान की कटाई होने के कारण एक साथ बड़ी मात्रा में फसल मंडी पहुंच रही है। इसके अलावा मंडियों में लगातार गिरते दामों की आशंका के चलते किसान भी जल्द से जल्द अपनी फसल बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे रहे कि कई किसान सोमवार रात करीब नौ बजे से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर लाइन में खड़े हो गए। उन्हें मंगलवार तड़के करीब चार बजे मंडी में प्रवेश मिल सका। वहीं, सुबह चार बजे मंडी पहुंचे कई किसान सुबह दस बजे तक सड़क पर ही जाम में फंसे रहे।
मंडी परिसर में भी अव्यवस्था
मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण अंदर भी अव्यवस्था बनी रही। व्यापारियों को धान की तौल और खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने की पर्याप्त व्यवस्था भी नजर नहीं आई। मंडी में तैनात सुरक्षा गार्डों की संख्या भी भारी भीड़ के मुकाबले कम दिखाई दी। दोपहर बाद तक मंडी परिसर के अंदर जाम के हालात बने रहे। जाम की वजह से कई किसान मंडी के बाहर से ही वापस लौट गए।
8 अक्टूबर से सामान्य होगा संचालन
मंडी सचिव ने बताया कि धान की अत्यधिक आवक को देखते हुए 7 अक्टूबर को मंडी समिति में नई आवक बंद रहेगी। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि का ध्यान रखते हुए ही अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचें। इससे मंडी में जमा फसल की तौल, खरीद और लोडिंग की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। वहीं, यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मंडी प्रशासन का कहना है कि 7 अक्टूबर को नई आवक बंद रहने के बाद व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा और 8 अक्टूबर से मंडी का संचालन पूर्व की भांति शुरू किया जाएगा।









