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प्रथम दिन सुबह रासलीला और शाम को भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का हुआ मनमोहक मंचन
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महर्षि विश्वामित्र के संग राम-लक्ष्मण के वन गमन दृश्य ने दर्शकों को किया भावविभोर

हाथरस 05 अक्टूबर। सार्वजनिक धार्मिक सभा के तत्वावधान में स्थानीय रामलीला बाड़े में ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन प्रातःकाल रासलीला का मनमोहक आयोजन किया गया, जबकि सायं कालीन सभा में मंच पर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव, विराट रूप, बाल क्रीड़ाओं और विश्वामित्र द्वारा यज्ञ रक्षा हेतु राम-लक्ष्मण को वन ले जाने के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया।
मंचन के दौरान जैसे ही भगवान राम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठा। बाल रूप में प्रभु श्रीराम के दर्शन और चारों भाइयों (राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न) की बाल लीलाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रथम दिन के अंतिम दृश्य में महर्षि विश्वामित्र राक्षसों द्वारा यज्ञ में विघ्न डालने पर उसकी रक्षा हेतु राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर राम-लक्ष्मण को मांगने आते हैं। पुत्र-मोह में व्याकुल और दुखी राजा दशरथ को जब गुरु वशिष्ठ समझाते हैं, तब भारी मन से राजा दशरथ अपने दोनों बालकों को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। राजा दशरथ की व्याकुलता और पुत्र-मोह के इस मार्मिक प्रसंग को देखकर उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष रामबहादुर यादव, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार गौतम, मंत्री कैलाश चंद्र अग्रवाल, उपमंत्री रामअवतार यादव तथा कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की संयोजक क्षमा शर्मा, सह-संयोजक ऋषिका भाटिया, उपाध्यक्ष अमित यादव एवं प्रबंधक कृष्ण कुमार गौतम ने मंच पर पधारे कलाकारों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया।








