
हाथरस 03 अक्टूबर। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के नगला सिंघी में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब घर से लापता हुई करीब एक वर्षीय बच्ची बाजरा के खेत में अचेत अवस्था में पड़ी मिली। बच्ची के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसके गले पर किसी धारदार वस्तु से चोट पहुंचाई गई है। गंभीर हालत में बच्ची को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगरा रेफर कर दिया। बताया गया कि नगला सिंघी निवासी पवेंद्र बजाज फाइनेंस में कलेक्शन एजेंट का काम करता है। पवेंद्र और उसकी पत्नी गायत्री के बीच विवाद चल रहा है और करीब एक वर्ष से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। उनकी करीब एक वर्षीय बेटी हर्षिता घर पर अपनी बुआ छाया के साथ सो रही थी। देर रात छाया की आंख खुली तो हर्षिता बिस्तर पर नहीं थी। बच्ची को गायब देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने आसपास के इलाके में बच्ची की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ डॉग स्क्वायड की टीम ने भी आसपास के क्षेत्र में बच्ची की तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बाद पुलिस को बच्ची बाजरा के खेत में अचेत अवस्था में पड़ी मिली। उसके गले पर चोट के निशान थे। पुलिस ने तत्काल बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। इस मामले में कोतवाली हाथरस गेट प्रभारी नितिन कसाना ने बताया कि बच्ची के माता-पिता के बीच विवाद चल रहा है। बच्ची अचेत अवस्था में मिली थी और उसके गले पर चोट के निशान थे। उन्होंने बताया कि अभी मामले में तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्ची के साथ घटना कैसे हुई, वह घर से खेत तक कैसे पहुंची और उसके गले पर चोट किस परिस्थिति में लगी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।




