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हाथरस 24 सितम्बर। व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) संस्था द्वारा अज्ञात शवों का धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में सिकंदराराऊ क्षेत्र में मिले एक अज्ञात युवक के शव का एडीएचआर की देखरेख में हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया गया। जानकारी के अनुसार 20-21 सितंबर की रात्रि सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में हाईवे पर महामाई सलावत नगर के निकट एक युवक का शव मिला था। युवक की उम्र करीब 27 वर्ष बताई गई। सड़क हादसे में शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। पुलिस ने मौके से शव के अवशेष एकत्र कर पोस्टमार्टम हाउस में पहचान के लिए सुरक्षित रखवाए। पुलिस द्वारा शव की शिनाख्त के लिए निर्धारित अवधि तक प्रयास किए गए, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने शव को लावारिस घोषित करते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। पहचान न होने के बाद पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य एवं प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए सहयोग का अनुरोध किया गया। समाजसेवियों ने एडीएचआर की देखरेख में उक्त अज्ञात शव का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का भी पूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर प्रवीन वार्ष्णेय, राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स, समाजसेवी सुनीत आर्य, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, दीपक, बंटी भाई कपड़े वाले, तरुण राघव, नीरज गोयल, कांस्टेबल चिंत ज्वाला सिंह एवं होमगार्ड विपिन कुमार मौजूद रहे। एडीएचआर पदाधिकारियों ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान भले ही अज्ञात हो, लेकिन उसके अंतिम संस्कार और सम्मानजनक विदाई का अधिकार महत्वपूर्ण है। संस्था द्वारा इसी मानवीय भावना के साथ अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार में सहयोग किया जाता है।

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