
अलीगढ़ 22 सितम्बर। अलीगढ़ से मुरादाबाद जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। दोनों शहरों के बीच करीब 150 किलोमीटर लंबे नए फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण प्रस्तावित है। हाईवे बनने के बाद अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच वर्तमान में लगने वाला करीब 3 से 4 घंटे का सफर घटकर लगभग 90 से 120 मिनट रह जाने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रस्तावित हाईवे मुरादाबाद से शुरू होकर अमरोहा, संभल और बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ तक पहुंचेगा। योजना के तहत मौजूदा दो-लेन हाई स्पीड कॉरिडोर को चार-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में विकसित किया जाना है। अलीगढ़ जिले में गभाना और कोल तहसील के 45 गांवों की जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन की ओर से संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त और नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाए जाने की जानकारी है। जल्द ही जमीन का सर्वे और चिह्नांकन शुरू होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल अलीगढ़ से मुरादाबाद की करीब 150 किलोमीटर की दूरी तय करने में 3 से 4 घंटे तक का समय लग जाता है। चंदौसी, बबराला और डिबाई होकर गुजरने वाले मार्ग पर सड़क की चौड़ाई, अतिक्रमण और भारी यातायात के चलते यात्रियों को परेशानी होती है। नया फोरलेन हाईवे बनने के बाद इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है। एक्सेस कंट्रोल्ड मार्ग होने के कारण वाहनों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक निर्धारित किए जाने की योजना है। परियोजना के तहत मुरादाबाद जिले में 22 गांवों की करीब 190 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। वहीं अलीगढ़ जिले की गभाना और कोल तहसील के 45 गांव भी परियोजना की जद में आएंगे। इस तरह दोनों जिलों में कुल 67 गांवों की जमीन हाईवे परियोजना के लिए अधिग्रहित किए जाने की योजना है। यह हाईवे एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, यानी गांवों और स्थानीय सड़कों से सीधे हाईवे पर प्रवेश की सुविधा नहीं होगी। वाहन निर्धारित इंटरचेंज के माध्यम से ही हाईवे पर प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इससे हाईवे पर अनियंत्रित यातायात, जाम और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा और नियंत्रित यातायात व्यवस्था के तहत हाईवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि कार, बस और अन्य निर्धारित चार पहिया एवं बड़े वाहन इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।





