आगरा 19 सितम्बर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के विरोध में शुक्रवार को सवर्ण समाज के युवाओं ने ट्रैक्टर मार्च निकालने का प्रयास किया। करीब 1200 युवक 100 से अधिक ट्रैक्टरों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। एत्मादपुर के संवई गांव से करीब 200 मीटर आगे पुलिस और पीएसी ने चार क्रेन और सात बुलडोजर लगाकर बैरियर बना दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बनी। हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात करीब 300 पुलिसकर्मियों और दो कंपनी पीएसी ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। दोपहर करीब तीन बजे युवाओं का समूह बैरियर पार करते हुए आगरा-फिरोजाबाद नेशनल हाईवे के कुबेरपुर जीरो प्वाइंट की ओर बढ़ गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। करीब सात से आठ घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और बड़ी संख्या में वाहन फंसे रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया और ड्रोन कैमरों से क्षेत्र की निगरानी की।
प्रदर्शनकारियों के साथ प्रशासन की बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। बताया गया कि कमिश्नर दीपक कुमार के माध्यम से प्रदर्शनकारियों की उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से वार्ता कराई गई। बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे से हटने पर सहमति जताई और यातायात बहाल किया गया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ‘सिस्टम सुधार संगठन’ के अध्यक्ष अंशुमान ठाकुर ने बताया कि प्रशासन और सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। उनके अनुसार सरकार ने चार दिन के भीतर उनकी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से वार्ता कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि संवई गांव में सवर्ण समाज का सांकेतिक अनिश्चितकालीन धरना शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि चार दिन में मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो इससे बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शन में करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रतीक चौहान और सपा नेता मनोज शर्मा समेत कई लोग शामिल रहे।








