
हाथरस 18 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाहा ने थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम के साथ प्रसिद्ध लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के भव्य पंडाल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान स्टॉल वेंडरों, कार्ट संचालकों, व्यापारियों, दुकानदारों और मेले में आए आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उनसे संवाद किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर क्राइम आशीष कुमार, मेला प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की।
अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाहा ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी क्यूआर कोड पेमेंट स्कैम, APK फाइल के जरिए ठगी, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक और ओटीपी के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, क्यूआर कोड, APK फाइल अथवा संदिग्ध एप्लीकेशन को बिना सत्यापन के डाउनलोड या ओपन न करें। साथ ही किसी के साथ ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, सीवीवी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। व्यापारियों और स्टॉल वेंडरों को डिजिटल भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का नाम और भुगतान की राशि जांचने तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन नहीं करने के लिए भी जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार पुलिस, सीबीआई, ईडी, क्राइम ब्रांच या अन्य सरकारी एजेंसियों के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से डराते हैं और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। लोगों को स्पष्ट किया गया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वैध पुलिस कार्रवाई नहीं होती। ऐसे किसी कॉल या वीडियो कॉल पर घबराने के बजाय तत्काल अपने परिजनों को जानकारी दें और संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से सत्यापन करें। इसी प्रकार कम समय में अधिक लाभ का लालच देने वाले फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया विज्ञापनों और अनजान व्यक्तियों के भुगतान अनुरोधों से भी सावधान रहने की अपील की गई।
कार्यक्रम में एटीएम के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी जरूरी सावधानियां बताई गईं। लोगों से कहा गया कि एटीएम बूथ में लेनदेन के दौरान यह सुनिश्चित करें कि कोई अनजान व्यक्ति आसपास मौजूद न हो और पिन दर्ज करते समय उसे छिपाकर रखें। एटीएम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। आधार कार्ड को लॉक रखने, बैंक के नाम पर आने वाली फोन कॉल पर ओटीपी, सीवीवी या खाते से संबंधित जानकारी साझा न करने तथा बीमा कंपनी अथवा नौकरी के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल पर बिना सत्यापन के कोई जानकारी न देने की सलाह दी गई। इसके अलावा व्हाट्सऐप, एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी सार्वजनिक न करने, केवल परिचित लोगों को जोड़ने, मजबूत पासवर्ड रखने और प्राइवेसी सेटिंग्स का इस्तेमाल करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, वेबसाइट cybercrime.gov.in अथवा नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की अपील की।











